गोरखनाथ थाना क्षेत्र मे पकड़े गए युवक के पास से बरामद जाली नोट।
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एक महीने से जाली नोट छापकर बाजार में चला रहा अक्षय अब तक पुलिस की पकड़ से दूर था। एक चोर की मुखबिरी पर पुलिस ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। जाली नोट छापने की सूचना से प्रशासन और खुफिया एजेंसियों की परेशानी बढ़ गई है।
हुमायूंपुर में किराए के कमरे में रहने वाले अक्षय यादव के पिता की तीन महीने पहले मौत हो गई थी। घर जाने के बाद उसकी नौकरी छूट गई। वहां से लौटा तो अमीर बनने का ख्वाब संजोकर उसने यह धंधा करने शुरू किया। दुकान पर आते-जाते उसकी पहचान मोहल्ले में ही रहने वाले सीवान के एक मजदूर से हो गई। उसने एक दिन अक्षय के झोले में 100 रुपये के नोटों की एक गड्डी देख ली थी।
अमीर समझकर उसकी गैर मौजूदगी में वह उसके घर चोरी करने पहुंच गया। आलमारी में नोटों की गड्डी और सुखाने के लिए कमरे में रखे नोटों को देखकर चोर सारा माजरा समझ गया। उसने सूचना पुलिस को दे दी। जानकारी के बाद गोरखनाथ एसओ सदानंद सिंह ने सोमवार रात उसे रंगे हाथ पकड़ने के बाद सूचना अधिकारियों को दी।
शहर में जाली नोट छापने की जानकारी मिलने से खुफिया एजेंसियों के कान खड़े हो गए। अधिकारियों ने उससे लंबी बातचीत की। हाईस्कूल पास युवक के अंग्रेजी की समझ और शातिर तरीके से जाली नोट छापकर बाजार में चलाने की समझ को लेकर पुलिस अधिकारी परेशान हो गए। अक्षय के बैक ग्राउंड और संपर्क में रहने वाले लोगों का रिकार्ड भी खुफिया एजेंसियां जुटाने में लगी हैं।