गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन में मौजूद एक दलाल को छात्र से सुविधा शुल्क लेना उस वक्त मंहगा पड़ा, जब एक छात्र नेता ने उसे रंगे हाथ पकड़कर कुलपति कार्यालय पहुंचा दिया। माइग्रेशन बनवाने के नाम पर सुविधा शुल्क लेने वाले दलाल को कुलपति ने पूछताछ के बाद पुलिस को सौंप दिया।
शुक्रवार को राजेंद्र कुमार गौतम नाम का छात्र माइग्रेशन बनवाने के लिए यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन पहुंचा। चूंकि उसे मेरठ के चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में बीएड में दाखिल लेना था, इसलिए उसे गोरखपुर यूनिवर्सिटी से माइग्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत थी। माइग्रेशन मिलने में हो रही देरी के दौरान उसकी मुलाकात रामनारायण नाम के एक व्यक्ति से हो गई। रामनारायण ने दावा कि यदि राजेंद्र 200 रुपये खर्च करे तो माइग्रेशन तत्काल उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसमें 100 रुपये माइग्रेशन के थे और 100 रुपये सुविधा शुल्क के।
इस बीच यह जानकारी किसी तरह से राष्ट्रीय विद्यार्थी सभा के महानगर संगठन मंत्री अखिल देव त्रिपाठी को मिल गई और वह मौके पर पहुंच गए। मामला सही था, सो उन्होंने दावा करने वाले व्यक्ति को पकड़ लिया। उसके बाद अखिल उस दलाल और छात्र राजेंद्र को लेकर कुलपति कार्यालय पहुंचे और कुलपति को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। कुलपति ने दलाल को पहले तो फटकार लगाई फिर यूनिवर्सिटी चौकी से पुलिस बुलाकर उसे सौंप दिया।
यूनिवर्सिटी से प्रपत्र बनवाने के नाम पर सुविधा शुल्क वसूलने की घटना शर्मसार करने वाली है। दलाल का पकड़ा जाना, ऐसा कार्य करने वालों के लिए सबक है। ऐसा करते पकड़े जाने पर यूनिवर्सिटी की ओर से किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। उसे तत्काल पुलिस को सौंप दिया जाएगा।
- प्रो. अशोक कुमार, कुलपति, गोरखपुर यूनिवर्सिटी