एक तरफ जहां बैंकों और एटीएम के बाहर कतार में खड़े लोगों को मशक्कत के बाद रकम मिल रही है, वहीं उचक्के लोगों की कड़ी मशक्कत के बाद निकाली गई रकम पर हाथ साफ कर दे रहे हैं। मंगलवार को भी रुपये निकालकर घर जा रहे सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारी को बैंक रोड पर झांसा देकर उचक्के ने रकम गायब कर दी। बाद में जब उन्हें ठगे जाने का एहसास हुआ, तो पुलिस चौकी पहुंचकर उन्होंने शिकायत की, लेकिन पुलिस शिकायत सुनने के बजाय टालमटोल करती रही।
राजघाट थानाक्षेत्र के तुर्कमानपुर, पटवारी टोले में रहने वाले आरएसएल श्रीवास्तव सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारी हैं। मंगलवार सुबह वह बैंक रोड स्थित केनरा बैंक से रकम निकालने गए थे। दोपहर दो बजे जब वह 5000 रुपये लेकर बैंक से बाहर निकले तो संजय नाम के एक युवक ने उन्हें अपना रिश्तेदार बताते हुए झांसे में ले लिया और अपने परिवार को सेंट्रल बैंक परिसर में होने की बात कहकर वह बुजुर्ग को उनसे मिलाने ले गया। परिसर में पहुंचकर संजय ने झोले में नकदी के साथ मोबाइल, पर्स और अंगुठी भी रखवा ली और दो मिनट में बाहर लौटने की बात कहकर बैंक के अंदर चला गया।
काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब बुजुर्ग को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ तो वह विजय चौराहा स्थित पुलिस चौकी पहुंचे, लेकिन पुलिस ने मदद करने के बजाय मामला कौआ पुलिस चौकी का बताकर वहां भेज दिया। जैसे-तैसे पीड़ित ने घटना की जानकारी बेतियाहाता में बेटे की क्लीनिक पर पहुंचकर उसे दी। उसने इसकी जानकारी कैंट पुलिस को दी तब जाकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।