कारोबारी की बहू ने थाने पहुंच कर घटना की जानकारी दी।
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टीवी पर क्रिकेट मैच देखने के दौरान हुए विवाद में बेटे ने बुजुर्ग पिता की गला दबाकर हत्या कर दी। यही नहीं, जब पत्नी ने विरोध किया तो उसे कमरे में बंद कर दिया और लाश ले जाकर संत कबीरनगर के बखिरा ताल में फेंक दी। शनिवार की सुबह मुक्त हुई उसकी पत्नी ने इस बारे में ननद और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने लाश बरामद करने के साथ ही बहन की तहरीर पर हत्या कर साक्ष्य मिटाने का मुकदमा दर्ज कर बेटे को जहां गिरफ्तार कर लिया है वहीं उसकी पत्नी को हिरासत में ले लिया है। घटना बेलीपार के डंवरपार गांव की है।
ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले डंवरपार गांव के घनश्याम ओझा (65) का टीपी नगर में व्यावसायिक कांप्लेक्स है। छह मार्च की रात वह बेटे देवेंद्र उर्फ बबलू के साथ डंवरपार स्थित मकान में क्रिकेट मैच देख रहे थे। बातचीत के दौरान विवाद होने पर देवेंद्र ने गला दबाकर पिता की हत्या कर दी। पत्नी विजय लक्ष्मी ने जब विरोध किया तो पिटाई कर उसे कमरे में बंद कर दिया।
इधर, शनिवार की सुबह बेटे दिव्यांश (11), गोलू (7) की मदद से कमरे से मुक्त होने के बाद विजयलक्ष्मी ने फोन से घटना की जानकारी शाहपुर के रामजानकी नगर में रहने वाली अपनी ननद बेबी और पुलिस कंट्रोल रूम को दी। सुबह 10 बजे पुलिस के साथ बेबी डंवरपार गांव पहुंची। वहां से पुलिस बबलू को हिरासत में लेकर थाने आई। पूछताछ में उसने पहले तो पुलिस से झूठी कहानी बताई, लेकिन कड़ाई करने पर सच्चाई कबूल कर ली।
देवेंद्र ने बताया कि पिता की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव कार में रखकर संतकबीरनगर के बखिरा ताल में फेंक दिया था। छानबीन के बाद पुलिस ने जब संतकबीरनगर पुलिस से बातचीत की तो आठ मार्च को अज्ञात बुजुर्ग का शव पाए जाने की जानकारी मिली। शिनाख्त के लिए पुलिस दोपहर में देवेंद्र और परिवार के लोगों को लेकर संतकबीरनगर रवाना हो गई। वहां से शव का पोस्टमार्टम कर परिवार वालों को सौंप दिया। शनिवार को घर वालों ने दाह संस्कार कर दिया।
बहन को रुपये देने से नाराज था देवेंद्र
तीन भाई-बहनों में देवेंद्र सबसे छोटा है। बड़ी बहन बेबी की शादी शाहपुर के रामजानकी नगर में हुई है, जबकि दूसरे नंबर की बहन गुड्ड्ी की शादी उरुवां ब्लाक में। पांच साल पहले देवेंद्र की मां लीलावती की मौत हो चुकी है। देवेंद्र को शक था कि उसके पिता बहनों को रुपये देते हैं। इसी बात लेकर उनके बीच अक्सर विवाद होता था।