बृजेश यादव की मौत के बाद जिला अस्पताल में रोते बिलखते परिवार वाले।
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बेलीपार थाना क्षेत्र के चनऊ गांव में 21 डिस्मिल जमीन के विवाद में बृजेश यादव (24) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बड़े भाई की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पट्टीदार रिटायर सिपाही रामचंदर समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गांव में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई है।
बेलीपार प्रतिनिधि के मुताबिक चनऊ गांव निवासी बृजेश यादव का रिटायर सिपाही रामचंदर के परिवार से जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। बुधवार की सुबह बृजेश ट्रैक्टर लेकर खेत जोतने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में खेत की मेड़ कट जाने पर रामचंदर से उसकी कहासुनी हो गई। इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को भी दे दी गई। अभी लोग बीच-बचाव कर ही रहे थे कि रामचंदर लाइसेंसी बंदूक लेकर आ गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर उसने गोली मार दी जो बृजेश के गले में जा लगी। गोली चलने के चंद मिनट बाद ही पुलिस पहुंच गई और घायल बृजेश को गांव वालों की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां उसकी मौत हो गई।
गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस के अलावा पीएसी भी तैनात कर दी गई है। कई आला अफसर भी मौके पर पहुंचे। मृतक तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। बड़े भाई रवींद्र यादव की तहरीर पर पुलिस ने रामचंदर, कुलदीपक और देशदीपक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो को गिरफ्तार कर लिया है। रिटायर सिपाही की तलाश की जा रही है।
बृजेश के पिता की भी हो चुकी है हत्या
गोरखपुर। बृजेश के पिता जीतन की भी बम से हमला कर हत्या की जा चुकी है। करीब 20 साल पहले हुई इस हत्या के पीछे वजह चुनावी रंजिश मानी गई थी पर कुछ ग्रामीणों का कहना है कि इस वारदात के बाद से ही दोनों परिवारों में विवाद शुरू हो गया।