नाइजीरियन जालसाज विक्टर के साथी को क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार को लखनऊ में गिरफ्तार कर लिया। गाजीपुर का रहने वाला आरोपी वारदात के बाद से ही फरार चल रहा था। नाइजीरियन जालसाज लॉटरी निकलने का झांसा देकर लोगों से ठगी करता था।
बृहस्पतिवार की दोपहर पुलिस लाइंस में प्रेस वार्ता कर एसपी (क्राइम) ओपी सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लखनऊ के गोमतीनगर में बुधवार को टीम ने दबिश देकर गाजीपुर के खानपुरा, इटहा निवासी अश्विनी सिंह को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि लॉटरी का झांसा देकर ठगी करने वाले नाइजीरियन युवक विक्टर चनोमोसो उर्फ वोयेला के लिए यह प्रशांत सिंह के कहने पर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। इसी आधार पर सभी आरोपी बैंक में फर्जी नाम-पते पर अकाउंट खोलकर लॉटरी के नाम लोगों से इसमें रुपये जमा कराते थे। विक्टर, प्रशांत के साथ ही उनके पांच साथियों को गिरफ्तार कर पुलिस पहले ही रैकेट का पर्दाफाश कर चुकी थी। गैंग के अन्य साथियों की तलाश चल रही थी। छानबीन में अश्विनी के लखनऊ में होने की जानकारी मिली थी।
ऐसे काम करता था अश्वनी
गाजीपुर निवासी अश्विनी सिंह फेब्रिकेशन का एक्सपर्ट है। फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड प्रशांत सिंह कई जिलों में फ्रेबिकेशन शॉप खोलकर लोगों की आंखों में धूल झोंकता था। कुछ साल पहले अश्विनी उसके यहां नौकरी करने पहुंचा था। कर्ज लौटाने के लिए वह काम छोड़कर प्रशांत के साथ फर्जीवाड़े के धंधे में शामिल हो गया। आठ माह से वह फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाकर प्रशांत के रिश्तेदार अजीत सिंह उर्फ गु्ड्डू को देता था।
फर्जी निकला विक्टर का वीजा और पासपोर्ट
जालसाजी के आरोप में पकड़े गए नाइजीरियन विक्टर चेनोमोसो उर्फ वोयेला दिल्ली के कृष्णा पार्क जनकपुरी में फर्जी दस्तावेज के सहारे रह रहा था। पुलिस का कहना है कि उसके पास मिला पासपोर्ट और वीजा फर्जी है। विदेश मंत्रालय ने छानबीन के बाद यह जानकारी दी है। दूसरे के नाम-पते के दस्तावेज को फर्जी तरीके से तैयार कर वह उसका इस्तेमाल कर रहा था।
ये सामान हुए बरामद
- 125 मोबाइल सिमकार्ड
- 60 पीस चिप लगा सादा ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड
- 31 पीस प्लास्टिक लेमिनेशन पाउच
- 15 एटीएम कार्ड
- 11 बैंक की चेकबुक
- 2 इंटरनेट मोडेम
- 8 मोबाइल फोन
- एक लैपटॉप प्रिंटर
- 10 फर्जी वोटर आई कार्ड
- 8 पीस विभिन्न विभागों की मुहर
- 35 पेज पर छपे 70 पीस वोटर आई कार्ड