गोरखपुर यूनिवर्सिटी के चपरासी द्वारा नंबर बढ़ाने के नाम पर छात्रा के साथ छेड़खानी का मामला सामने आया है। छेड़खानी का आरोपी कर्मचारी परीक्षा सामान्य विभाग में तैनात था। प्राथमिक जांच के बाद परीक्षा नियंत्रक ने कर्मचारी को परीक्षा विभाग से कार्यमुक्त करते हुए कुलपति व रजिस्ट्रार को अगली कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
शुक्रवार की सुबह 11 बजे के करीब एक छात्रा गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन में मौजूद परीक्षा सामान्य विभाग में पहुंची और वहां के एक चपरासी से मिलकर अपने काम का तकादा करने लगी। चपरासी उसे समझा-बुझा कर विभाग में मौजूद एक कक्ष में ले गया और छेड़खानी करने लगा। उसकी हरकत देख छात्रा शोर मचाते हुए कमरे से बाहर आ गई। छात्रा का विरोध देख चपरासी वहां से भाग निकला।
छात्रा ने बताया कि दो विषय के नंबर काफी कम आए थे, चपरासी ने उन नंबरों को बढ़वा देने का आश्वासन दिया था। इसी सिलसिले में जानकारी लेने के लिए यूनिवर्सिटी आई थी। छात्रा ने आरोपी के खिलाफ कुलपति को पत्र लिखा, जिसे परीक्षा सामान्य विभाग के एक वरिष्ठ कर्मचारी ने यह कहकर ले लिया कि शिकायत कुलपति तक पहुंचा दी जाएगी। इस बीच किसी ने घटना की जानकारी परीक्षा नियंत्रक को दे दी। सूचना पाकर परीक्षा नियंत्रक मौके पर पहुंचे और मामले की तहकीकात की और कुलपति के नाम का पत्र को ले लिया।
छात्रा के साथ दुर्व्यवहार की घटना बेहद शर्मनाक है। इससे परीक्षा विभाग की छवि पर असर पड़ता, इसलिए मैंने दोषी कर्मचारी को विभाग से हटा दिया है। साथ ही कुलपति और रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराते हुए कार्रवाई की संस्तुति की है।
- डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक, गोरखपुर यूनिवर्सिटी