गोरखपुर। जमीनी रंजिश में हत्या करने का जुर्म सिद्ध होने पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोविंद वल्लभ ने कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के मझौना गांव निवासी अभियुक्त सच्चिदानंद मिश्र, नित्यानंद मिश्र, राहुल मिश्र, राधेश्याम मिश्र, सुरेश यादव, राममिलन मिश्र को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किए जाने का फैसला सुनाया है। अर्थदंड अदा ना करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह का कथन था कि घटना 17 अक्तूबर 2012 की शाम 7 बजे की है। उसी गांव के रहने वाले वादी दयाराम मिश्र ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। तहरीर में उसने बताया था कि वह अपने चचेरे भाई श्रीराम मिश्र के साथ नेतवर बाजार से बाइक से सब्जी लेकर वापस आ रहा था। जैसे ही वादी दुर्गेश पांडेय के खेत के पास पहुंचा तभी अभियुक्तों ने श्रीराम मिश्रा के ऊपर तमंचा से फायर कर दिया।
श्रीराम जान बचाने के लिए भागा तो दौड़ाकर चाकू से उनके गले पर प्रहार कर दिया। जिससे श्रीराम की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने अभियुक्त की निशानदेही पर रक्त रंजित चाकू बरामद किया। अभियुक्तों ने कोर्ट में जुर्म से इंकार करते हुए रंजिशन फंसाए जाने की बात कही। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उक्त सजा सुनाई।