गोरखपुर। अगस्त 2017 में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुए ऑक्सीजन कांड के आरोपी डॉ. राजीव मिश्रा सोमवार को रात 8:25 बजे जमानत पर मंडलीय कारागार से रिहा हो गए। जेल से बाहर आते ही उन्होंने भाई डॉ. अनूप मिश्रा और बेटे डॉ. पूरक को सीने से लगा लिया। बेटे ने उनके पांव छुए। बीआरडी मेडिकल कॉलेज से आए सहकर्मियों एवं शहर के गण्यमान्य चिकित्सकों से मुलाकात करने के बाद डॉ. राजीव मिश्रा भाई और बेटे के साथ घर चले गए। वह ऑक्सीजन कांड में जेल से छूटने वाले चौथे आरोपी हैं।
जेल से बाहर निकले डॉ. राजीव मिश्रा ने मीडिया से कोई बात नहीं की। भाई डॉ. अनूप मिश्रा ने कहा, देर से जमानत मिली, लेकिन न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। जमानत के लिए कोर्ट का धन्यवाद। उम्मीद है कि इस मामले में कोर्ट न्याय करेगी। आशा है कि भाभी (डॉ. पूर्णिमा शुक्ला) की जमानत भी जल्द ही हो जाएगी।
शाम से ही मेडिकल कॉलेज के कई विभागाध्यक्ष एवं 50 से ज्यादा कर्मचारी मंडलीय कारागार के मुख्य द्वार पर डॉ. राजीव के बाहर आने का इंतजार करते नजर आए। इनमें बीआरडी के डॉ. राजकिशोर सिंह, डॉ. अश्विनी मिश्र, डॉ. अशोक यादव, डॉ. एमक्यू बेग, डॉ. मामून खान, डॉ. रामजी सिंह के साथ आईएमए अध्यक्ष डॉ. जेपी जायसवाल, सचिव डॉ. आरपी शुक्ल, डॉ. बीबी त्रिपाठी, डॉ. मंगलेश शामिल रहे।
तीन जुलाई को ही कोर्ट ने दी थी जमानत
तीन जुलाई को ही सुप्रीम कोर्ट ने डॉ. राजीव की जमानत मंजूर कर ली थी। लेकिन उनकी तबीयत खराब होने के कारण औपचारिकताएं पूरी नहीं हो सकीं। वह तीन जुलाई से ही लखनऊ के राम मनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान में भर्ती थे। रविवार की रात उन्हें मंडलीय कारागार लाया गया।
इन्हें है रिहाई का इंतजार
इस मामले में डॉ. राजीव से पहले डॉ. कफील खान, पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी और डॉ. सतीश कुमार को जमानत मिल चुकी है। डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, चीफ फार्मासिस्ट गजानन जायसवाल, लिपिक उदय प्रताप शर्मा, संजय कुमार त्रिपाठी और सुधीर कुमार पांडेय को अभी रिहाई नहीं मिल सकी है।