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कोर्ट के सवाल का जवाब नहीं दे पाई पुलिस

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गोरखपुर।
बीआरडी कांड मामले में आरोपियों की रिमांड बढ़ाने की मांग करने पहुंचा अभियोजन पक्ष कोर्ट के सवालोें का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। कोर्ट ने आरोपियों पर धारा 308 (आपराधिक मानव वध करने की कोशिश) लगाने का कारण पूछा तो विवेचक सीओ अभिषेक कुमार सिंह ने कहा कि अभी विवेचना चल रही है, मगर इस जवाब से प्रभारी विशेष न्यायाधीश शिवानंद सिंह असंतुष्ट दिखे। हालांकि उन्होंने इस पर स्थिति स्पष्ट करने को कहते हुए 18 तारीख तक के लिए आरोपियों की रिमांड स्वीकृत कर ली। इस तिथि को आरोपी भी जेल से तलब किए गए हैं। इसी दिन इस धारा पर पुलिस को जवाब भी देना होगा।
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बता दें कि डॉ. सतीश के कोर्ट में आत्मसमर्पण करते समय जो रिपोर्ट गुलरिहा थाने से आई थी, उसमें धारा 308 में भी उनके वांछित होने का जिक्र था। रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने समर्पण तो ले लिया लेकिन रिमांड केवल तीन दिन का दिया। कोर्ट ने बुधवार को विवेचक को संपूर्ण केस डायरी के साथ तलब किया था। विवेचक ने कोर्ट में जैसे ही रिमांड की अवधि बढ़ाने की अर्जी दी, कोर्ट ने पूछा कि आपको धारा 308 में रिमांड क्यों दी जाए। विवेचक ने कहा कि रिकॉर्ड मेडिकल कॉलेज के लेखा विभाग की आलमारियों में बंद हैं और अभी सबूत नहीं मिल पाए हैं, जो इकट्ठा किए जा रहे हैं। नोटिस जारी किया गया है, मगर इस जवाब से असंतुष्ट कोर्ट ने उन सभी आरोपियों जिनके खिलाफ इस धारा में रिमांड बनी है, को 18 तारीख को जेल से तलब करते हुए विवेचक को स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
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