गोरखपुर। कर्ज बांटकर मनमाना ब्याज वसूलने वाले सूदखोरों की अब खैर नहीं। उन पर शिकंजा कसने की तैयारी पुलिस ने शुरू कर दी है। इसके लिए प्रशासनिक अफसरों से पंजीकृत साहूकारों की सूची मांगी गई है। साथ ही, अवैध तरीके से यह धंधा कर रहे सूदखोरों की भी कुंडली तैयार की जा रही है। एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने कहा है कि मनमाना ब्याज वसूली पर सख्त कार्रवाई होगी।
राजघाट में व्यापारी रमेश गुप्ता समेत पांच लोगों की खुदकुशी के बाद पुलिस हरकत में आई है। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने डीएम और एडीएम फाइनेंस को पत्र लिखकर रजिस्टर्ड साहूकारों की सूची मांगी है। साथ ही एसएसपी ने सभी थाना क्षेत्रों के ऐसे सूदखोरों की सूची तैयार करने को कहा है जिनसे आमजन परेशान हैं। इनके पूरे नेटवर्क को तलाश कर अब रंगदारी का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। ये लोग निर्धारित के मुकाबले दिए गए कर्ज पर 120 फीसदी तक ब्याज वसूलते हैं। वसूली के लिए तरह-तरह से उत्पीड़न भी करते हैं।
सामूहिक खुदकुशी: रिपोर्ट दर्ज कर सकती है पुलिस
पांच लोगों की खुदकुशी मामले में मृत व्यापारी के बेटे द्वारा पुलिस को दिए गए पत्र, जिसमें इस मामले में कोई कार्रवाई न करने की प्रार्थना की गई है, पर विधिक सलाह ली जाएगी। यदि विधिक राय मिलती है तो आत्महत्या मामले में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
- डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसएसपी
पुलिस को स्वत: संज्ञान लेकर करनी चाहिए कार्रवाई
कारोबारी और उसके परिवार के चार लोगों की आत्महत्या एक गंभीर मामला है। पुलिस का नैतिक दायित्व है कि वह स्वत: संज्ञान लेकर इन पांच मौतों के कारणों की जांच करे। कोई दोषी पाया जाए तो कार्रवाई भी हो। ऐसे मामले में हुए किसी भी तरह का आपसी सुलह-समझौता पुलिस जांच का रास्ता नहीं रोक सकता।
- कृष्ण बिहारी दुबे, पूर्व अध्यक्ष, बार एसोसिएशन
9454417615 : साहूकार सताए तो इस नंबर पर बताएं
एडीएम फाइनेंस, विधान जायसवाल ने कहा है कि पंजीकृत साहूकारों द्वारा अगर मानक से अधिक ब्याज वसूला जाता है तो इसकी शिकायत उनके दफ्तर या सीधे उनसे भी की जा सकती है। उनका मोबाइल नंबर 9454417615 है। शिकायत मिलने पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बैंकों की बढ़ती संख्या और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी तमाम सुविधाएं होने के कारण साहूकारी को प्रोत्साहित नहीं किया जा रहा है। नए लोगों का पंजीकरण भी काफी कम हो गया है। जो पुराने हैं, उनका तय समय पर नवीनीकरण अनिवार्य है। सभी पंजीकृत साहूकारों के दस्तावेजों की समय-समय पर जांच भी की जाती है।