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सीओ सस्पेंड

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बेवजह रंगदारी मांगने का आरोप लगा बस संचालक को जेल भेजने पर सीओ ट्रैफिक सस्पेंड
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मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पैडलेगंज से प्राइवेट बसों के संचालन के विवाद और बस मालिक विनय सिंह पर रंगदारी मांगने का आरोप का मामला जांच में संदिग्ध मिला है। इस मामले में जांच करने गए सीओ ट्रैफिक के गनर से मारपीट के आरोप में भी कोई दम नहीं मिला। प्रारंभिक जांच के बाद ही रविवार को सीओ ट्रैफिक सन्तोष सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। आरोप है कि सीओ ने अपने रिश्तेदार के कहने पर विनय के खिलाफ कार्रवाई की थी।
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घटना के मुताबिक सीओ ट्रैफि क संतोष सिंह को सूचना मिली थी कि विनय सिंह नाम पैडलेगंजग से निजी वाहनों का संचालन करते हैं। साथ ही अन्य निजी वाहन संचालकों से वसूली करते हैं। इस शिकायत पर सीओ ट्रैफिक गत शुक्रवार को मौके पर गए। सीओ का आरोप था कि विनय और साथियों ने उनके गनर के साथ मारपीट की। साथ ही उनके साथ भी बदसलूकी की गई। मामले में मुकदमा दर्ज करके विनय को जेल भेज दिया था। इस घटना से नाराज विनय सिंह की पत्नी सीमा सिंह ने मुख्यमंत्री से मिलकर प्रार्थना पत्र दिया। सीमा ने कहा कि उनके पति को बेवजह फंसाया गया है। सीओ ट्रैफि क के रिश्तेदार वाहन का संचालन कराते हैं और आरोप उनके पति पर लगाया जा रहा है। जिस दिन की घटना बताई जा रही हैए उस दिन कोई मारपीट नहीं हुई थी, मुख्यमंत्री ने मामले की जांच आईजी जय नारायण सिंह को दी। रविवार की देररात वीडियो कांफ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने मामले की जानकारी ली तो सीओ ट्रैफिक की मनमानी सामने आ गई। मुख्यमंत्री के कहने पर ही सीओ को देररात निलंबित कर दिया गया। इसकी पुष्टि आईजी और डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने की है।
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