परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार पेपर कुछ आसान था।
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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी-2018) का आयोजन रविवार को जिले के 80 केंद्रों पर किया गया। दो पालियों में परीक्षा के लिए 45381 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जबकि 42621 ने ही हिस्सा लिया। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार पेपर कुछ आसान था। हालांकि गणित में प्राथमिक स्तर से ऊपर के सवाल पूछे गए थे। वहीं करेंट अफेयर्स से जुड़े प्रश्नों ने उलझाया। हिंदी और संस्कृत के भी कई सवालों को हल करने में परेशानी हुई।
देवरिया के सौरभ ने बताया कि उन्हें दो पालियों में परीक्षाएं देनी थीं। पहली पाली की परीक्षा सेंट एंड्रयूज कॉलेज में थी। दोपहर की पाली की परीक्षा के लिए पिपराइच में केंद्र बनाया गया था। इस वजह से उन्हें काफी परेशान होना पड़ा। हालांकि उन्होंने अच्छे मार्क्स की उम्मीद जताई है। सुबह की पाली में सुबह 10 बजे से 12:30 बजे तक प्राथमिक स्तर की परीक्षा थी। 27753 परीक्षार्थियों के लिए 50 केंद्र बनाए गए थे। सुबह समय से परीक्षार्थियों को सभी जरूरी प्रपत्र जांचने के बाद परीक्षा हाल में प्रवेश दिया गया।
इस पाली में 26047 परीक्षार्थी शामिल हुए। 1706 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा दोपहर बाद तीन बजे से शाम 5:30 बजे तक थी। 17628 परीक्षार्थियों के लिए 30 केंद्र बनाए गए थे। इस पाली में 16574 परीक्षार्थी शामिल हुए। 1054 अनुपस्थित रहे। कुल 45381 परीक्षार्थियों में से 42621 परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे। सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ ही हर केंद्र पर पुलिस के जवान तैनात थे। हर केंद्र पर दो-दो पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी।
केंद्र की गफलत में इधर से उधर पहुंचे
दूसरी पाली के कुछ परीक्षार्थी दयानंद इंटर कॉलेज खोराबार पहुंच गए। वहां पहुंचने पर पता चला कि उनका केंद्र दूसरी जगह है। प्रवेश पत्र पर अंकित मोबाइल नंबर पर कॉल करने के बाद पता चला कि केंद्र बक्शीपुर में है। प्रवेशपत्र पर पता छपा था, लेकिन संशय में कुछ परीक्षार्थी खोराबार पहुंच गए थे। गलतफहमी का एहसास होने पर वे सही जगह पहुंचे।
ढूंढते रह गए परीक्षा केंद्र, छूट गई परीक्षा
गोरखपुर। दो अभ्यर्थियों ने विभागीय लापरवाही के चलते उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल न हो पाने का आरोप लगाया है। अभ्यर्थियों ने बताया कि काफी ढूंढने के बाद भी प्रवेशपत्र में दर्ज गुरुनानक इंटर कॉलेज पिपराइच रोड उन्हें नहीं मिला। वे केंद्र खोजते रहे और उनकी परीक्षा छूट गई। वहीं विभाग अभ्यर्थियों के प्रवेशपत्र को ही संदिग्ध मान रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कोई केंद्र जिले में मौजूद ही नहीं है।
सुबह की पाली में परीक्षा देने आए भाटपाररानी निवासी अनुराज पांडेय और दूसरी पाली में परीक्षा देने आए राधा स्वामी सैनी ने केंद्र न मिलने की शिकायत डीआईओएस से की है। डीआईओएस ने मामले से सचिव परीक्षा नियामक को अवगत कराया है। बताया कि प्राथमिक जांच में इनके प्रवेशपत्र दूसरों से अलग लग रहे हैं। सुबह की पाली में परीक्षा देने आए अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र पर परीक्षा का समय सुबह 10 से 12 बजे तक अंकित है, जबकि अन्य अभ्यर्थियों के प्रवेशपत्र पर 10 से 12:30 का समय दर्ज है। दूसरी पाली में शिकायत करने वाले अभ्यर्थी के प्रवेशपत्र पर समय दोपहर तीन से पांच बजे तक अंकित है, जबकि अन्य अभ्यर्थियों के प्रवेशपत्र पर दोपहर बाद 2:30 बजे से पांच बजे तक का समय दर्ज है। समय के गलत अंकन के कारण विभाग इन प्रवेश पत्रों के सही होने को लेकर संशय व्यक्त कर रहा है।