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चंदन के गुर्गों की तलाश में पुलिस टीमें रवाना

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गोरखपुर।
शहर के वरिष्ठ सर्जन डॉ. शशिकांत दीक्षित से रंगदारी मांगने में कुख्यात चंदन सिंह का नाम सामने आने के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आगरा के डाकघर से रंगदारी भरा पत्र डॉक्टर के पास आया है। पत्र के ऊपर सोनू सिंह के नाम का इस्तेमाल हुआ है। इसके बाद से ही पुलिस बदायूं जेल में बंद चंदन के गुर्गों की तलाश शुरू की है। शुक्रवार की तड़के सुबह आगरा और बदायूं क्राइम ब्रांच की टीम रवाना हो गई है। वहीं लोकल स्तर पर पुलिस केसाथ ही क्राइम ब्रांच टीम चंदन के लिए काम करने वालों की तलाश में लग गई है। उधर, डॉ. दीक्षित को पुलिस सुरक्षा मुहैया करा दी गई है।
मोहद्दीपुर के डॉ. दीक्षित को रजिस्टर्ड भेजे गए पत्र से चंदन के नाम से बीस लाख की रंगदारी मांगी गई है। बदायूं जेल में बंद चंदन सिंह के नाम से पत्र आने के बाद डॉक्टर ने कैंट थाने में केस दर्ज कराया है। प्रभारी एसएसपी ने कैंट पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया है। पिछली बार चंदन आगरा मेडिकल कॉलेज से फरार हुआ था, तब वहां पर स्थानीय कुछ गुंडों ने उसकी मदद की थी। पुलिस अब इन्हीं गुर्गों की तलाश में है। पुलिस चंदन के पूरे रैकेट को ही पकड़ना चाहती है। वहीं आगरा से पत्र आने के बाद टीम वहां के डाकघर जाएगी और पत्र भेजने वाले के हुलिया की जांच करेगी। वहीं बदायूं जेल में बंद चंदन से भी पुलिस टीम पूछताछ करने की तैयारी में है।
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डर से रंगदारी देने वालों की भी तलाश
पुलिस सूत्रों की मानें तो उन व्यापारी और डॉक्टरों की भी तलाश की जा रही है, जिन्होंने रंगदारी भरा पत्र आने केबाद छिप-छिपाकर रंगदारी की रकम दे दी और पुलिस में शिकायत भी नहीं की।
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जेल से भागने की फिराक में चंदन
पुलिस को खुफिया रिपोर्ट मिली है कि चंदन जेल से भागने के फिराक में है। इसी फरारी के लिए ही वह रकम एकत्र करा रह है। पता चला है कि बीते कुछ महीनों में चंदन के नाम से कई लोगों से रंगदारी मांगी गई है।
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