आशा वर्कर बनकर बच्चे को अगवा करने की घटना लोग भूले नहीं कि इस बीच बच्चों को अगवा कर झोलाछाप डॉक्टर के जरिए बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रविवार की सुबह झंगहा के एकौनी गांव के लोगों की सूचना पर पुलिस ने अगवा की गई बच्ची के साथ एक शख्स को गिरफ्तार किया है। पकडे़ गए युवक ने पांच हजार में बच्ची को बेचने की योजना बताई और ऐसे ही पूर्व में तीन और बच्चे बेचने की बात कबूल की। पुलिस उस के जरिए झोलाछाप डॉक्टर सहित संभावित नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश में लग गई है।
तिवारीपुर के शहीदाबाद में रहने वाले मोहम्मद इरफान की आठ साल की बेटी महक शनिवार दोपहर बाद अपने नाना के घर के बाहर खेलते समय गायब हो गई थी। घटना के समय घर वाले इरफान की सास के दफन के लिए गए थे। लौटने के बाद महक के न मिलने पर तलाश शुरू हुई और देर शाम तक न मिलने पर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की तलाश शुरू होने से पहले रविवार की सुबह झंगहा इलाके के एकौनी गांव में कुछ लोगों कोे एक घर से छोटी बच्ची के काफी लंबे समय तक रोने की आवाज सुनाई दी तो जिज्ञासावश कुछ लोग उधर पहुंचे। लोगों को देख बच्ची के साथ मौजूद शख्स असहज हो गया। इससे शक होने पर पुलिस बुलाई गई। पुलिस की सख्त पूछताछ में शख्स ने खुद को चौरीचौरा इलाके के भरतपुर, फुटहवा इनार निवासी महेंद्र उर्फ हरेंद्र बताया और महक नामक बच्ची को तिवारीपुर से अगवा करने की बात कबूल की।
क्षेत्र के एक झोलाछाप डॉक्टर को बच्ची बेचने की योजना बताने के साथ यह भी स्वीकार किया कि पूर्व में पांच से आठ साल के तीन बच्चों को अगवा कर वह बेच चुका है। हर बच्चे के एवज में पांच हजार रुपये मिले थे। चौरीचौरा पुलिस के जरिए तिवारीपुर पहुंची बच्ची घर वालों के हवाले कर दी गई। तिवारीपुर थाने के इंस्पेक्टर मनोज पाठक ने बताया कि इस कड़ी से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश हो रही है।