एसपी सिटी विनय सिंह और सीओ प्रवीण सिंह ने घटना का पर्दाफाश किया।
गोरखपुर। कुसम्ही बाजार स्थित एक दुकान से बरामद की गई कारबाइन के मामले की जांच में सूचना देने वाला ही आरोपी निकला। पूछताछ में उसने बताया कि भूमि विवाद में सगे भाई को फंसाने के लिए दुकान की छत पर कारबाइन रखवाई गई थी। सूचना देने वाला युवक ही बिहार से हथियार खरीद कर लाया था। जांच में सच्चाई सामने आने के बाद बेकसूर दुकानदार को छोड़ दिया गया। पुलिस साजिशकर्ता भाई समेत दो की तलाश में लगी है।
पुलिस लाइंस में एसपी सिटी विनय कुमार सिंह ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर स्वाट टीम ने कुसम्ही बाजार में एक श्रृंगार व कास्मेटिक की दुकान की छत से कारबाइन बरामद की। मामले में दुकान के ऊपर ही मकान बनाकर रहने वाले शेषनाथ को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में शेषनाथ ने पूरे मामले से अनभिज्ञता जाहिर की और निष्पक्ष जांच की मांग की। एसपी सिटी को मुखबिरी करने वाले पिपराइच क्षेत्र के रक्षवापार गांव निवासी शुभम मिश्रा पर संदेह हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने बताया कि शेषनाथ के बड़े भाई अमरजीत ने पड़ोसी जितेंद्र की मदद से छत पर कारबाइन और दो मैगजीन एक बैग में छत पर रखवाया था। शेषनाथ का अमरजीत से प्रापर्टी का विवाद है। पुलिस शुभम मिश्रा को गिरफ्तार कर अमरजीत और जितेंद्र के घर पहुंची तो वे फरार मिले। पुलिस दोनों की तलाश में लगी है।
75 हजार में खरीदी थी कारबाइन
पूछताछ में शुभम ने बताया कि उसने बिहार से 75 हजार में कारबाइन खरीदी थी। उसके पिता आरपीएफ में सिपाही है। वह पहले से असलहों की खरीद-फरोख्त करता है। लेकिन पुलिस की मुखबिरी करने की वजह से बच जाता था। अब पुलिस उसके सभी कारनामों की जांच कर रही है।
घर में कारबाइन मिलने से मचा था हड़कंप
घर में कारबाइन मिलने की सूचना पर पुलिस अफसर भी हैरत में थे। तमाम बड़े लोगों से तार जोड़कर पुलिस तहकीकात कर रही थी। लेकिन साजिश का मामला सामने आने के बाद महकमे ने राहत की सांस ली।