बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र सुमित सिद्धार्थ की मौत पर पिता ने कई सवाल खड़े किए हैं। पिता ने हत्या के बाद शव लटकाए जाने की आशंका जताते हुए तहरीर भी दी है। शनिवार को डीएम और एसएसपी से उन्होंने जांच की मांग की। हालांकि पुलिस इसे आत्महत्या मानकर फाइल बंद कर चुकी थी।
एमबीबीएस वर्ष 2014 बैच का छात्र सुमित कॉलेज परिसर स्थित न्यू यूजी 151 छात्रावास के कमरा नंबर 119 में रहता था। एक अप्रैल की रात साथी छात्रों ने उसे आखिरी बार देखा था। सामने स्थित कमरा नंबर 128 में रहने वाले छात्र बलवंत सिंह ने तीन अप्रैल को सुमित के कमरे से उठ रही दुर्गंध पर दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। इसी बीच अन्य छात्र भी इकट्ठा हो गए। छात्रों ने दरवाजे के ऊपर लगी जाली से झांक कर देखा तो छत के कुंडे से बंधी रस्सी में सुमित का शव लटक रहा था।
इसकी सूचना पर कॉलेज प्रशासन के लोग भी मौके पर पहुंच गए थे। इस बीच छात्रों ने दरवाजे के ऊपर लगी जाली उखाड़ने के बाद हाथ अंदर डालकर दरवाजे की कुंडी खोल दी थी। फंदे का एक सिरा सुमित के गले में था। सुमित का शव घुटनों के बल बैठे हुए हालत में था। शव हटाने पर फर्श पर सूखा हुआ खून भी दिखाई दिया था।
इन्हीं तथ्यों पर सुमित के पिता ने हत्या की आशंका जताई। वह शनिवार को लखनऊ से गोरखपुर पहुंचे और डीएम, एसएसपी से मुलाकात कर तहरीर दी। अधिकारियों ने देर शाम तहरीर गुलरिहा थाने भेज दी।
पिता ने उठाए ये सवाल
- सुमित के कमरे से आवाज न आने पर दरवाजा छात्रों ने क्यों खोला
- पोस्टमार्टम में चोट की बात भी लिखी गई है। फंदा लगाने पर यह चोट कैसे लगी
- फंदे से लटके होने पर शव फर्श पर बैठी अवस्था में क्यों था
- बाहर से हाथ डालकर यदि दरवाजा खोला गया था तो ऐसे ही बंद भी किया जा सकता है
- फर्श पर खून कहां से आया। मुंह और नाक पर चोट कैसे लगी