गोरखपुर
बीआरडी कांड के 9वें आरोपी ऑक्सीजन सप्लायर पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी को गोरखपुर पुलिस ने रविवार को देवरिया बाईपास से गिरफ्तार कर लिया। मनीष को पुलिस ने स्पेशल कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। बीआरडी कांड में नामजद आरोपियों में यह आखिरी गिरफ्तारी है।
मनीष की तलाश में पुलिस लंबे समय से लगी थी। लखनऊ और गोरखपुर सहित कई जिलों में छापेमारी भी की जा रही थी। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया कि ऑक्सीजन सप्लायर का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया गया था। रविवार को सुबह लोकेशन गोरखपुर मिली तो पुलिस ने जाल बिछा दिया। सीओ कैंट अभिषेक सिंह ने घेराबंदी की और देवरिया बाईपास के पास से मनीष को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया।
मनीष पर ऑक्सीन सप्लाई रोकने का आरोप
पुष्पा सेल्स ही बीआरडी में ऑक्सीजन की सप्लाई करती थी। करीब 69 लाख रुपये की बकायेदारी का हवाला देकर मनीष ने सप्लाई रोक दी थी। इससे स्थिति बिगड़ गई। विवाद पैदा हुआ। मामले में सरकार ने कहा कि अनुबंध में सप्लाई रोकने का तथ्य नहीं था, हर हाल में ऑक्सीजन की सप्लाई की जानी थी।
मनीष पर इन धाराओं में दर्ज है केस
पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष पर पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आपराधिक साजिश, 15 मेडिकल काउंसिल एक्ट, 66 आईटी अधिनियम, मानव वध की कोशिश, धोखाधड़ी, लोकसेवक द्वारा आपराधिक कृत्य की धाराओं में केस दर्ज किया है।
ये अभियुक्त जा चुके हैं जेल
महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. केके गुप्ता की तहरीर पर पुलिस पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी, निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा, उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, डॉ. कफील खान, डॉ. सतीश कुमार, संजय त्रिपाठी, उदय, चीफ फार्मासिस्ट गजानन जायसवाल, सुधीर को जेल भेज चुकी है।