खोराबार।
जंगल चंवरी गांव में सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा करने की शिकायत करने वाले राजमिस्त्री को मनबढ़ों ने शुक्रवार को जिंदा जलाने की कोशिश की। बदमाशों की हरकत से पूरा परिवार दहशत में है। उधर, सूचना पर पहुंची पुलिस जांच कर रही है। मनबढ़ों ने बृहस्पतिवार को कब्जा खाली कराने गई राजस्व विभाग की टीम को भी खदेड़ दिया था।
जंगल चंवरी गांव निवासी जयराम निषाद (32) का आरोप है कि शुक्रवार सुबह सार्वजनिक रास्ते पर प्रधान के साथ खड़ंजा बनवाने गए थे, तभी मनबढ़ों ने उन्हें भगा दिया और फिर उनके घर पर धाव बोल दिया। शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश की, लेकिन घरवालों के बीच-बचाव कर उन्हें बचा लिया। बता दें कि सार्वजनिक रास्ते से कब्जा खाली कराने के लिए गुरुवार को गई राजस्व विभाग की टीम को कब्जेदारों ने भगा दिया था। जयराम निषाद ने ही तहसील दिवस में सार्वजनिक जमीन पर कब्जे की शिकायत की थी। तब एसडीएम राहुल सिंह ने हल्का लेखपाल केएन सिंह को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था। लेखपाल ने जांच रिपोर्ट में सार्वजनिक जमीन पर कब्जा होने की पुष्टि की। इसके आधार पर एसडीएम ने नायब तहसीलदार को राजस्व टीम के साथ कब्जा हटवाने का आदेश दिया। इसके बाद बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार शशांक शेखर राय और हल्का लेखपाल केएन सिंह गुरुवार को खोराबार थाने से दो सिपाही लेकर कब्जा हटवाने गए थे। राजस्व टीम के मौके पर पहुंचते ही कब्जेदार हमलावर हो गए और टीम को वहां से भगा दिया। शुक्रवार को मनबढ़ों ने फिर शिकायकर्ता को जान से मारने की कोशिश की।