गोरखपुर। आर्यन अस्पताल के मालिक डॉ. डीपी सिंह की दूसरी पत्नी राखी की हत्या की जांच पर आपत्ति की गई है। राखी के भाई अमर प्रकाश श्रीवास्तव ने मंगलवार को प्रेस क्लब में मीडियाकर्मियों से बात की और कहा कि पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। किसी दूसरी एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए। हत्या से जुड़े लोग रसूखदार हैं। जांच को प्रभावित करने की कोशिश चल रही है। अमर प्रकाश श्रीवास्तव और विजय प्रकाश ने कहा कि हत्या से पहले राखी ने 31 जुलाई 2014 को डॉ. डीपी सिंह और उनकी पहली पत्नी के खिलाफ जानमाल की धमकी समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था लेकिन पुलिस ने सही ढंग से जांच नहीं की। आरोप लगाया कि हत्याकांड के विवेचक पर्याप्त साक्ष्य नहीं जुटा रहे हैं। घटनास्थल नेपाल के कास्की क्षेत्र में है। इसलिए साक्ष्य जुटाने में लापरवाही की जा रही है। इसका सीधा फायदा हत्यारोपियों को मिलेगा।
यह है मामला
डॉ. डीपी सिंह की दूसरी पत्नी राजेश्वरी उर्फ राखी उनके शाहपुर क्षेत्र के सरस्वतीपुरम कॉलोनी में स्थित मकान में रहती थी। 6 जून 2018 को नेपाल के कास्की क्षेत्र में हत्या कर उनका शव पहाड़ी से फेंक दिया गया था। 21 दिसंबर को एसटीएफ गोरखपुर यूनिट ने डॉ. डीपी सिंह और उसके दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर इस हत्याकांड का पर्दाफाश किया था। तभी से डॉक्टर और उसके साथी जेल में बंद हैं।