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पांच बच्चों की जान बचाकर खुद मौत के मुंह में समा गईं प्रधानाध्यापिका

Tue, 20 Nov 2018 01:55 AM IST
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
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शारदा सिंह। - फोटो : amar ujala
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सहजनवां (गोरखपुर)। प्राथमिक विद्यालय कसरवल में दीवार गिरने से प्रधानाध्यापिका शारदा सिंह (60) की मौत हो गई। लेकिन इससे पहले वह स्कूल के पांच बच्चों को नवजीवन दे गईं। हादसे से चंद मिनट पहले विद्यालय के पांच बच्चे दीवार के आसपास ही खड़े थे। प्रधानाध्यापिका ने उन्हें कक्षा में भेजा। बच्चे कुछ ही दूर गए थे कि दीवार भरभराकर गिर गई। इसकी चपेट में खुद प्रधानाध्यापिका आ गईं।
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प्राथमिक विद्यालय कसरवल में सोमवार को सुबह प्रार्थना सभा हुई। बच्चे कक्षा में चले गए। इसी बीच शारदा सिंह की निगाह दीवार से सटाकर खड़ा किए गए ट्रक और उससे गिराए जा रहे मोरंग की तरफ गई। प्रधानाध्यापिका ने कहा कि बाउंड्रीवाल कमजोर है। दबाव बढ़ा तो गिर जाएगी। यह कहते हुए वह दीवार की तरफ चली गईं। इसी बीच चालक ने ट्रक को आगे बढ़ा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक के आगे बढ़ते ही मोरंग का सारा दबाव दीवार पर आ गया और वह भरभराकर ढह गई।

प्रधानाध्यापिका दीवार के नीचे दब गईं। शिक्षकों और विद्यार्थियों का शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और उन्हें बाहर निकालाकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां कि डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि उनकी मौत गंभीर चोट लगने की वजह से हुई है। घटना की सूचना जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन और बीएसए बीएन सिंह को दी गई।

2020 में रिटायर होना था

शारदा मूलरूप से गांगूपार हाटा कुशीनगर की रहने वाली थीं। संतकबीरनगर के मुखलिसपुर रोड स्थित यूपीएस कॉलेज के पास मकान बनवाकर रहती थीं। उन्हें 2020 में रिटायर होना था। शारदा अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी को छोड़ गई हैं। सभी की शादी हो चुकी है।
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