गोरखपुर। एयरफोर्स परिसर में दाखिल होने की कोशिश में पकड़े गए शशिकांत का मंगलवार को एयरफोर्स अफसर ने बयान दर्ज किया। सीजीएम से अनुमति लेकर जेल पहुंचे एयरफोर्स के सार्जेंट चंदन कुमार ने कई सवाल किए। सोमवार को अनुमति नहीं मिलने से बयान दर्ज नहीं हो सका था। उधर, परिवार के आने के बावजूद शाहपुर पुलिस उसके किराए वाले कमरे की तलाशी नहीं ले सकी।
सात जुलाई को बिहार निवासी शशिकांत को एयरफोर्स सिक्योरिटी ने प्रवेश करते हुए पकड़ा था। तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक कागज मिला जिस पर लड़ाकू विमानों का शेड्यूल लिखा गया था। शाहपुर पुलिस ने शशिकांत पर केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। लेकिन इस बात का खुलासा नहीं हो पाया कि आखिर उसने समय क्यों नोट किया था। जांच में यह सामने आया था कि वह मेस में कर्मचारी रह चुका था। पूछताछ में उसने अफसरों से सुनी बात के आधार पर समय नोट करना बताया लेकिन इसकी वजह नहीं बताई थी। एसओ ने बताया कि किराए के कमरे की तलाशी जल्द कर ली जाएगी।
‘पत्नी बोली : नौकरी मांगने गए थे शशिकांत, फंसाया गया’
गोरखपुर। मंडलीय कारागार में बंद शशिकांत से मंगलवार को पत्नी डीजे झा ने मुलाकात की। पत्नी के मुताबिक वह निर्दोष हैं और एक अफसर के घर काम मांगने गए थे। अफसर की पत्नी ने सिक्योरिटी अफसर को बुलाकर पकड़वा दिया। आरोप है कि लड़ाकू जहाज का शेड्यूल जबरदस्ती लिखवाया गया है। न लिखने पर स्टेशन एरिया में ले जाकर गोली मारने की धमकी दी गई थी। पत्नी ने कहा कि दिसंबर तक उनके पास एंट्री पास था। उन्होंने तब तक मेस में काम भी किया था। अब काम के सिलसिले में अफसर के यहां जा रहे थे। एक अफसर की नौकरानी ने पांच दिन पहले काम दिलाने के लिए बुलाया था। शशिकांत उस दिन नहीं जा पाए थे। उसके बाद वह सीधे उस अफसर के घर पहुंच गए। उन्हें फर्जी फंसाया गया है।