गोरखपुर। पुरानी रंजिश में मारपीट कर जिंदा जला देने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश सीताराम वर्मा ने खजनी के सतुआभार निवासी अभियुक्त फूलदेव वर्मा, कन्हैयालाल वर्मा और रामजी वर्मा को उम्रकैद और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर दो साल के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। एडीजीसी अशोक कुमार दूबे का कथन था कि संतकबीरनगर कोतवाली के बड़गो निवासी वादिनी प्रभावती देवी ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया था। वादिनी परिवार के साथ मायके ग्राम सतुआभार में किराए का मकान लेकर रहती थी। 12 नवंबर 2008 की रात 11:30 बजे प्रभावती के पति ओम प्रकाश वर्मा घर के बाहर सोए थे। तभी अभियुक्तों ने लाठी-डंडे से पिटाई कर उन पर मिट्टी का तेल डालकर उन्हें जला दिया। अगले दिन उनकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो कोर्ट में अर्जी दी। कोर्ट के आदेश के बाद 14 मई 2009 को केस दर्ज हुआ। पुलिस ने अभियुक्तों को संलिप्त न पाते हुए अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। कोर्ट में पुलिस की ओर से प्रेषित अंतिम रिपोर्ट के खिलाफ प्रभावती ने विरोध याचिका दी। कोर्ट ने सबूतों को देखते हुए आरोपियों को तलब किया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों के आधार पर उन्हें सजा सुना दी।