गोला (गोरखपुर)।
24 घंटे से लापता चपरासी मोहन की हत्या कर फेंकी गई लाश चवरिया गांव में तरैया नाले के पास मिलने से सनसनी फैल गई। सिर पर नुकीले हथियार से गोदने और शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। घरवालों ने हत्या की आशंका जताई है लेकिन वे किसी से रंजिश होने से इन्कार किया है। सूचना पर सीओ गोला रघुनाथ गौतम, इंस्पेक्टर प्रदीप शुक्ला मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेजने के साथ ही जांच शुरू कर दी है।
गोला क्षेत्र के महुआडाड़ गांव निवासी मोहन (47) उरुवा स्थित रामरेखा सिंह इंटर कॉलेज में चपरासी के पद पर कार्यरत थे। उरुवा में ही अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहते थे। बुधवार की सुबह वह घर से कॉलेज जाने की बात कहकर निकले थे और फिर वापस नहीं लौटे। शाम को घरवालों ने उनकी तलाश शुरू की लेकिन देर रात तक कोई पता नहीं चला। बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे दिन में लोगों ने एक शव तरैना नाले के किनारे देखा और पुलिस को सूचना दी। आसपास के लोगों के पहुंचने पर शव की शिनाख्त हो गई।
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सूदखोरों के डर से नहीं जाते थे ड्यूटी
घरवालों के मुताबिक उन्होंने तीन लोगों से कर्ज ले रखा था। दो लोगों के कर्ज के बारे में उनको को नहीं पता है लेकिन एक व्यक्ति से एक लाख रुपये कर्ज लेने की जानकारी है। उसका सूद करीब आठ लाख रुपये तक पहुंच गया है। सूदखोर स्कूल पहुंचकर मोहन से गाली गलौच करते थे। इस वजह से वह कई बार वह कॉलेज भी नहीं जाते थे।
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तीन बच्चों के पिता थे मोहन
मोहन के दो पुत्र पप्पू (12), लल्लू (7) व अंजना (18) है। तीनों अभी स्कूल में पढ़ते हैं। पिता की मौत की जानकारी उनका रो-रोकर बुरा हाल है।