गोरखपुर। बंगलुरु से कमाकर लौट रहे यात्री की चलती ट्रेन से नदी में गिरने से मौत हो गई। वह राप्ती सागर एक्सप्रेस से घर लौट रहा था। आरपीएफ की सूचना पर पहुंची तिवारीपुर पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शुक्रवार को शव को ढूंढ निकाला। वहीं यात्री के भाई ने आरोप लगाया है कि उसे नदी से धक्का देकर गिराया गया था। पुलिस जांच कर रही है।
सिवान बिहार के डेहलाबादी आसवा निवासी धुरंधर यादव बंगलुरु में कमाते थे। तीन दिन पहले वह गांव के लिए राप्ती सागर एक्सप्रेस से आ रहे थे। बृहस्पतिवार की रात में गोरखपुर के डोमिनगढ़ पुल से जब ट्रेन गुजर रही थी, उसी दौरान वह गेट से नदी में गिर गए। उनके साथ आ रहे युवक ने बताया कि धुरंधर की रास्ते में मानसिक स्थित खराब हो गई थी।
वह बोगी में इधर-उधर दौड़ने लगे थे। उनको पकड़कर बैठाया गया था। डोमिनगढ़ पुल के पास जब ट्रेन पहुंची तो धुरंधर भागते हुए गेट पर पहुंचे। एक गेट खुला था। जब तक लोग उनको पकड़ते, वह नदी में कूद गए। सूचना पर पहुंचे छोटे भाई बलेंदर ने कहा कि उनके भाई की मानसिक स्थित ठीक थी। उन्होंने भाई को नदी में धक्का देकर गिराए जाने की आशंका जताई है। धुरंधर दो भाइयों में बड़े था। सात महीने पहले वह बंगलुरु गए थे।
भाई से हुई थी बातचीत
बलेंदर ने बताया कि शाम के 7:40 बजे धुरंधर ने फोन कर शरीर में दर्द और ऐंठन की बात बताई थी। उन्होंने बताया कि गोरखपुर से पहले अभी ट्रेन है। बलेंदर ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर उतर जाने के लिए कहा था। बताया था कि वे लेने आ रहे हैं। उसके बाद 8:10 बजे रमेश कुमार श्रीवास्तव नामक व्यक्ति ने फोन करके जानकारी दी उनके भाई चलती ट्रेन से नदी में कूद गए हैं।