गोरखपुर। पुलिस ने आठ बदमाशों को गिरफ्तार कर मोबाइल फोन लूटने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह में एक व्यापारी भी शामिल था। बदमाशों के पास से लूट के 11 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। बलदेव प्लाजा में व्यापारी ही अपने सहयोगियों के साथ लूट और चोरी के मोबाइल का लॉक तोड़ने, ईएमआई बदलने का काम करता था। इस वजह से लूटे गए हैंडसेट का पता पुलिस सर्विलांस की मदद से भी नहीं लगा पाती थी। पुलिस दुकान को सीज कराने की तैयारी में है।
पुलिस लाइंस में एसएसपी शलभ माथुर ने प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि मोबाइल फोन लूट की वारदात पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस टीम को चेकिंग का आदेश दिया गया था। चिलुआताल इलाके में अलग-अलग टीमें लगी थीं। इसी दौरान एक मोबाइल फोन लूट की वारदात होने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और पीछा कर तीन युवकों को पड़ा लिया। दूसरी तरफ बरगदवां में चेकिंग कर रही टीम को देखकर कुछ बाइक सवार भागने लगे। संदेह के आधार पर पुलिस ने उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से लूट के मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि बलदेव प्लाजा स्थित संदीप मोबाइल शॉप पर वे मोबाइल फोन का लॉक तोड़वाने और सॉफ्टवेयर बदलवाने जा रहे थे।
पुलिस ने छापेमारी कर व्यापारी संदीप और उसके साथियों को भी पकड़ा, जिनके पास से लूट के मोबाइल फोन बरामद हुए।
पकड़े गए बदमाशों की पहचान चिलुआताल के महुआतर निवासी रोशन लाल, महेसरा निवासी विकास साहनी, महेसरा के आदर्श साहनी, अजीत कुमार, मनोज साहनी के रूप में हुई। नौसड़ निवासी व्यापारी संदीप, उसके साथी तुर्कमानपुर निवासी रितिक आनंद, ट्रांसपोर्टनगर निवासी कृष्ण चंद्र को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ग्यारह मोबाइल फोन के अलावा इनके पास से लूट में इस्तेमाल होने वाली दो बाइक भी बरामद की गई है।
टीम को पांच हजार का इनाम
बदमाशों गिरफ्तारी करने वाली टीम में चिलुआताल प्रभारी राजू सिंह, विजय सिंह, चौकी प्रभारी मृत्युंजय पांडेय, नितिन रघुनाथ, नीरज तिवारी, गौराव राय, सुनील सिंह, संजीव सिंह, हबीब अहमद, देवेंद्र सिंह शामिल थे। इन्हें एसएसपी ने पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।