थाने के पास गड्ढों में तलाशी जा रही एके 47 राइफल।
- फोटो : अमर उजाला
इटवा (सिद्धार्थनगर)। थाने से लोडेड एके-47 राइफल गुम होने के मामले में निलंबित एसओ अनिल प्रकाश पांडेय समेत पांच पुलिसकर्मियों को मंगलवार देर शाम जेल भेज दिया गया। इन सभी को सोमवार देर रात सस्पेंड किया गया था। उधर, मामले की जांच में जुटी क्राइम ब्रांच की टीम और एटीएस को अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। मामले की गंभीरता को लेते हुए सीमावर्ती थानों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
इटवा थाने में रविवार की शाम जब असलहों की गिनती शुरू हुई तो एके-47 राइफल नहीं मिली। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई। सोमवार की सुबह तक राइफल के न मिलने पर एसपी डॉ. धर्मबीर सिंह दोपहर में खुद थाने पहुंचे। तलाश शुरू हुई। देर रात तक सुराग न मिलने पर एसपी ने थानाध्यक्ष अनिल प्रकाश पांडेय, हेड मुहर्रिर राम प्रताप सिंह, वीरेंद्र यादव, हेड कांस्टेबल विपिन कुमार भट्ट, विमल किशोर मिश्र को निलंबित कर दिया। मंगलवार को भी एसपी, एएसपी थाने में डटे रहे। पुलिसकर्मी आसपास के सीज किए गए पुराने वाहनों, लकड़ी के ढेर और गड्ढों में राइफल की तलाश करते रहे। इस कार्य में टाउन एरिया डुमरियागंज के कर्मचारी और प्रशिक्षुओं ने भी सहयोग किया। थाने के पीछे स्थित गड्ढे में पूरे दिन सफाईकर्मी असलहे की तलाश करते रहे।
सूत्रों की मानें तो 29 जनवरी को एक नए रंगरूट को एके-47 एसओ के हमराही के रूप में जाने के दौरान दी गई थी। मगर तीन फरवरी को असलहों का मिलान हुआ तो राइफल नहीं मिली। उक्त जवान का कहना है कि उसने असलहा लौटकर जमा करा दिया था, जबकि संबंधित हेड मुहर्रिर इससे इन्कार कर रहे हैं। मीडिया में मामला तूल पकड़ने के बाद एसपी ने सोमवार और मंगलवार पूरे दिन असलहे की तलाश कराई। पुलिस इस थ्योरी पर काम कर रही है कि किसी ने ईर्ष्यावश एके-47 को गड्ढे में फेंक दिया होगा। दिनभर तलाश के बाद जब सफलता नहीं मिली और शासन का दबाव बढ़ा तो देर शाम एसओ समेत पांचों पुलिसकर्मियों को जेल भेज दिया गया। एसपी ने बताया कि इस मामले में धारा 409 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई की गई है।