फॉलोअप.. संशोधित- इंट्रो पूरा बदला गया है
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टीसीएस ने दी स्वास्तिक इंस्टीट्यूट के संचालक के खिलाफ तहरीर
- कंपनी के यूपी हेड बोले, सॉल्वरों को इंस्टीट्यूट संचालक ने ही बनाए कक्ष निरीक्षक
- दो सॉल्वर समेत चारों को जेल भेजा, गैंग की तलाश
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन (यूपीसीएल) की ऑनलाइन सहायक समीक्षा अधिकारी की सीधी भर्ती परीक्षा कराने वाले कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के यूपी हेड परमहंस ने शुक्रवार को नौसड़ के स्वास्तिक इंस्टीट्यूट के मालिक राजीव रंजन वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तहरीर दी है। तहरीर के मुताबिक सॉल्वरों को कक्ष निरीक्षक इंस्टीट्यूट मालिक ने बनाया था। टीसीएस की तरफ से कक्ष निरीक्षक नहीं बनाए जाते हैं। इस मामले में स्वास्तिक के संचालक की भूमिका संदिग्ध है। टीसीएस की तरफ से तहरीर मिलने की पुष्टि एसपी साउथ ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी ने की है। एसपी साउथ का कहना है कि तहरीर को मुकदमे में समाहित करके जांच को आगे बढ़ाई जा रही है।
बेलीपार इलाके के नौसड़ स्थित स्वास्तिक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर पकड़े गए दो सॉल्वर और दो अभ्यर्थियों को शुक्रवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इसके साथ ही पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सूत्रों का कहना है कि अभी तक की जांच में संस्था की भूमिका संदेह के घेरे पर है। पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा था। दरअसल, पावर कार्पोरेशन की सीधी भर्ती के लिए ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया गया था। इसके लिए शहर में कई कंप्यूटर संस्थाओं को सेंटर बनाया गया था। इसी दौरान पुलिस ने गोपनीय सूचना पर नौसड़ स्थित स्वास्तिक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र से दो सॉल्वर और दो अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बस्ती के कोतवाली थाना क्षेत्र के पक्का बाजार निवासी अलमास की जगह पर बिहार के छपना जिले के मुफसिल के कुलदीनगर निवासी रोशन कुमार और कैंट के बेतियाहाता निवासी दिलीप कुमार वर्मा की जगह पर पटना के मुस्सलफुर के मुस्सफकपुर निवासी राजीव कुमार यादव को परीक्षा देते हुए पकड़ा था। दोनों अभ्यर्थियों को पुलिस ने कक्ष निरीक्षक की भूमिका में पकड़ा था। एसओ बेलीपार अनिल सिंह ने बताया कि विवेचना चल रही है। इससे जुड़े सभी लोगों पर कार्रवाई होगी।