जेल से छूटने के बाद परिवार के सदस्यों के साथ डॉ. पूर्णिमा
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के बीच ही मौत मामले में आरोपी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला मंगलवार को जेल से रिहा कर दी गई। वह पिछले 11 महीने से जेल में थी। सुप्रीम कोर्ट से 27 जुलाई को जमानत मिलने के बाद मंगलवार को उनके परिवार के लोग जेल पहुंचे थे। बीआरडी के पूर्व प्राचार्य और पति डॉ. राजीव मिश्रा व बेटे डॉ. पूरक मिश्र जेल से निकलते ही उनके गले से लिपट गए। बहन उषा मिश्रा व बहनोई आशीष मिश्र भी देहरादून से आए थे।
इस दौरान मीडिया ने उनसे कई सवाल भी किए लेकिन डॉ. पूर्णिमा शुक्ला बिना कुछ बोले परिवार के लोगों के साथ वहां से रवाना हो गईं। इस मामले में अब तक पांच आरोपी, पुष्पा सेल्स के संचालक मनीष भंडारी, डॉ. कफील खान, एनेस्थिसिया के विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार और तत्कालीन प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र जमानत पर जेल से रिहा हो चुके है।
यह है मामला
10 व 11 अगस्त 2017 में मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी हो गई थी। इसी बीच कई बच्चों की मौत हो गई। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के तहरीर पर केस दर्ज हुआ और एसटीएफ ने 29 अगस्त 2017 को डॉक्टर दंपति को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया। तभी से डॉ. पूर्णिमा शुक्ला जेल में थीं। निचली अदालत में नवंबर 2017 और हाईकोर्ट में मई 2018 में जमानत याचिका खारिज होने पर मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा जहां से 27 जुलाई को डॉ. पूर्णिमा को जमानत मिल गई।