वार्षिक परीक्षाओं में नकल पर लगाम कसने के लिए गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से उठाए जा रहे कदम बेअसर करने में माफिया तुले हैं। दो दिन पहले देवरिया के तीन कॉलेजों सामूहिक नकल की शिकायत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि बुधवार को नकल से जुड़े ऑडियो के वायरल होने से खलबली मच गई है। कुलपति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश जारी किया है।
ऑडियो को कुशीनगर के तमकुहीराज इलाके के एक कॉलेज में नकल कराने का ठेका लेने से संबंधित बातचीत का है। इसमें माफिया खुलेआम विद्यार्थियों से नकल के नाम पर दो हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। साथ ही इस बात का आश्वासन दे रहे हैं कि सीसीटीवी कैमरों से विद्यार्थियों को कोई परेशानी नहीं होगी। कॉलेजों की ओर से बकायदा एक्सपर्ट का इंतजाम किया गया है, जो समय-समय पर थोड़ी देर के लिए सीसीटीवी की रिकार्डिंग को बंद कर देंगे। इस दौरान रकम देने वाले विद्यार्थियों को नकल कराई जाएगी। नकल के बाद ये एक्सपर्ट सीसीटीवी कैमरे से बंद रिकार्डिंग के हिस्से को डिलीट कर देंगे। रिकार्डिंग के सामने आने के बाद से कुलपति ने मामलेे को गंभीरता से लेते हुए जांच टीम गठित कर मामले में रिपोर्ट तलब की है।
जांच टीम के साथ होंगे सीसीटीवी एक्सपर्ट
कुलपति ने बताया सभी कॉलेजों को वार्षिक परीक्षाओं की सीसीटीवी रिकार्डिंग सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर सीसीटीवी की प्राथमिकता से जांच होगी। इसके लिए बाहर से टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट बुलाए जा रहे हैं। आरोप सही पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
एसटीएफ नहीं कर रही जांच
उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने वार्षिक परीक्षाओं में एसटीएफ से निगरानी कराने का एलान किया था। इसके बाद भी अब तक वार्षिक परीक्षाओं में एसटीएफ की सक्रियता नहीं दिखी। इस वजह से भी नकल माफिया के हौसले बुलंद हैं।
नकल की जितनी भी शिकायतें मिली हैं, सभी के लिए जांच कमेटी बनाई जा रही है। कहीं भी कैमरे या डीवीआर से छेड़ाछाड़ मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नकलविहीन परीक्षा में बाधा उत्पन्न करने वालों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा।
- प्रो. वीके सिंह, कुलपति