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बीआरडी में डॉक्टर-तीमारदारों के बीच मारपीट, 13 घायल

Tue, 11 Sep 2018 01:50 AM IST
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
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बीआरडी अस्पताल
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गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सोमवार की सुबह जूनियर डॉक्टर और तीमारदारों के बीच जमकर मारपीट हुई। इसमें सात जूनियर डॉक्टर और छह तीमारदार गंभीर रूप से घायल हो गए। मारपीट से नाराज जूनियर डॉक्टरों ने ट्रामा सेंटर में इलाज ठप कर दिया। इससे खलबली मच गई। एडीएम सिटी और एसपी नार्थ भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचे।
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प्रशासनिक अधिकारियों ने प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार के साथ बैठक की और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद डॉक्टर काम पर लौटे। मारपीट के चलते सुबह छह से 10:30 बजे तक इलाज न मिलने से मरीज और उनके तीमारदार परेशान रहे। प्राचार्य की तहरीर पर गुलरिहा पुलिस ने 20 अज्ञात तीमारदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीमारदारों का कहना है कि वे भी तहरीर देंगे।


विवाद तड़के सुबह छह बजे हुआ। वार्ड नंबर चार में डेढ़ साल की एक बच्ची के नाजुक अंगों की ड्रेसिंग चल रही थी। आरोप है कि पास के बेड पर भर्ती मरीज चंद्रावती के साथ आया एक तीमारदार बार-बार ड्रेसिंग देख रहा था। इस पर जूनियर डॉक्टरों ने उसे टोका, लेकिन वह नहीं माना। इससे नाराज जूनियर डॉक्टर ने उसे थप्पड़ जड़ दिया। उधर, तीमारदार ने इंद्रप्रस्थपुरम में रहने वाले अपने सगे-संबंधियों को बुला लिया और जूनियर डॉक्टरों पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों से लैस तीमारदार ट्रामा सेंटर के इमरजेंसी सहित कई वार्डों में घुस गए।
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उन्हें जो डॉक्टर मिला, उसी की पिटाई कर दी। इसकी सूचना अन्य जूनियर डॉक्टरों को मिली तो वे भी पहुंच गए। इसके बाद मारपीट संघर्ष में तब्दील हो गया। दोनों तरफ से ईंट-पत्थर चलने लगे। दोनों ओर के लोगों को चोटें आईं। सूचना पर पुलिस, प्रशासनिक अफसर पहुंचे और शांत कराने की कोशिश की लेकिन जूनियर डॉक्टर नहीं माने। उन्होंने साढ़े चार घंटे तक ट्रामा सेंटर का इलाज ठप रखा। बाद में कड़ी कार्रवाई के आश्वासन पर वे माने। सतर्कता के लिहाज से मेडिकल कॉलेज कैंपस में पीएसी और पुलिस तैनात कर दी गई है।
 

ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी में घुसकर की पिटाई

गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने गुलरिहा पुलिस को जो तहरीर दी है, उसके मुताबिक मरीज चंद्रवती देवी के साथ आए तीमारदारों ने इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टरों की पिटाई की है। लाठी-डंडा, ईंट और पत्थर से लैस तीमारदार वार्ड नंबर चार के रेजिडेंट के कमरे में भी घुस गए और ट्रामा केयर सेंटर के पास जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट की। जूनियर डॉक्टरों को बेदर्दी से पीटा गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।
मारपीट में जूनियर डॉक्टर डॉ. मनोज सिंह के हाथ में फ्रैक्चर हो गया है। डॉ. राहुल सरीन की भी हड्डी टूटी है। ंपांच और जूनियर डॉक्टर डॉ. अखिल, डॉ. तरुण, डॉ. अभिषेक, डॉ. शम्स खान और डॉ. विजय सोनकर भी घायल हुए हैं। इन सबका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।

एक तीमारदार का सिर फटा, एक का कान कटा

तीमारदारों को भी गंभीर चोटें आई हैं। शाहपुर के इंद्रप्रस्थपुरम निवासी शिव कुमार सिंह का सिर फट गया है। उनकी स्थिति गंभीर बताई गई है, जबकि विनय सिंह का एक कान कट गया है। दोनों का इलाज सिटी अस्पताल में चल रहा है। तीमारदारी करने गए सुशांत सिंह, गोलू और अमित सहित कई अन्य को भी चोटें आई हैं। उनका भी निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। तीमारदारों के मुताबिक गलती जूनियर डॉक्टरों की थी। वे भी डॉक्टरों पर मुकदमा कराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मारपीट के बाद डॉक्टरों ने मरीज को भी भगा दिया।

पुलिस से भी हुई तीखी नोकझोंक

मेडिकल कॉलेज में मारपीट की सूचना पर पहुंची गुलरिहा पुलिस को भी विरोध का सामना करना पड़ा। जूनियर डॉक्टर और तीमारदारों के बीच मारपीट रोकने आए पुलिस कर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक हुई। हालांकि कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों को अलग किया और तीमारदारों को किसी तरह मेडिकल कॉलेज कैंपस से बाहर निकाला।

परेशान होकर लौट गए कई मरीज

मेडिकल कॉलेज में मारपीट के बाद कुछ मरीज और उनके तीमारदारों को लौटना पड़ा। पैर में प्लास्टर डलवाकर निकले हरनहीं के संदीप को स्ट्रेचर से ले जाने वाले कर्मचारी नहीं मिल सके। इस कारण मां और भाई ने संदीप को स्ट्रेचर पर बैठाकर टैंपो तक पहुंचाया। ऐसे ही तमाम तीमारदार मेडिकल कॉलेज परिसर में परेशान घूमते रहे। सुबह 10:30 बजे के बाद इलाज शुरू हुआ तो पर्चा काउंटर और वार्डों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली।
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