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हिस्ट्रीशीटर पवन सिंह भाई के साथ गिरफ्तार

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गोरखपुर।
आवासीय कॉलोनी में प्लॉट देने का झांसा देकर डेढ़ करोड़ रुपये हड़पने के मामले में पुलिस ने सोमवार को हिस्ट्रीशीटर पवन सिंह को उनके भाई के साथ धर दबोचा। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर रही है। पवन सिंह की हिस्ट्रीशीट गोरखनाथ थाने में खुली है। दोनों के पास से पुलिस ने अत्याधुनिक हथियार व लग्जरी वाहन बरामद किए हैं। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के मुताबिक पवन बिना अनुमति वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल भी कर रहे थे। इसे बरामद कर लिया गया है।
तारामंडल निवासी प्राइवेट इंजीनियर सच्चिदानंद सिंह ने गोरखनाथ थाने में पवन सिंह और उनके भाई के खिलाफ 22 अगस्त को केस दर्ज कराया था। सच्चिदानंद का आरोप था कि सहजनवां में आवासीय प्लाट देने के लिए पवन और अमित ने एक करोड़ 41 लाख 17 हजार रुपये लिए थे लेकिन अभी तक जमीन नहीं मिली। मामले में केस दर्ज कराया गया लेकिन पुलिसिया कार्रवाई ढीली रही। आलम यह रहा कि आरोपियों से पूछताछ तक नहीं की गई। सोमवार को गोरखनाथ मंदिर के जनता दरबार में सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर सच्चिदानंद ने गुहार लगाई।
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इस पर मुख्यमंत्री ने एसएसपी से बात की और कहा कि अपराध करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाए। इसके बाद पुलिस ने तेजी पकड़ी। क्राइम ब्रांच और पुलिस की संयुक्त टीम ने गोरखनाथ के गोपाल नगर स्थित पवन सिंह के आवास पर छापेमारी की और भाई के साथ धर दबोचा। पुलिस अब दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों की माने तो पूछताछ के बाद पवन और उनके भाई को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। पुलिस दोनों भाइयों की कुंडली तलाश रही है।
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सीएम की सख्ती पर दौड़ी पुलिस
गोरखनाथ थाने में केस दर्ज होने के बाद भी पुलिस पवन के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही थी। इससे परेशान सच्चिदानंद ने पहले ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में पहुंच गए। गोरखनाथ मंदिर में जनता दरबार में सच्चिदानंद ने मुख्यमंत्री को समस्या बताई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएम ने एसएसपी को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस सक्रिय हो गई। आनन-फानन में क्राइम ब्रांच और पुलिस की संयुक्त टीमों ने छापेमारी की। इसी दौरान पवन और उनके भाई को गिरफ्तार कर लिया गया।
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महंगा पड़ा सीएम के साथ फोटो वायरल करना
योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद ही शहर में बड़े बड़े पोस्टर लगाकर पवन सिंह ने खुद को भाजपा नेता भी साबित करने की कोशिश की थी। घर पर भाजपा का झंडा भी लगा था। पुलिस पर पैरवी का दबाव भी वह भाजपा का नेता और सीएम का करीबी ही बताकर बनाता था। मामला सीएम के संज्ञान भी आया था। अब दर्ज केस में कार्रवाई के बाद करीबी भी घर छोड़कर फरार हो गए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पवन सिंह ने बधाई संदेश के बड़े-बड़े पोस्टर लगवाए थे।
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हिस्ट्रीशीटर पवन सिंह व उनके भाई ने एक इंजीनियर से रुपया लिया था। मामले में गोरखनाथ थाने में केस दर्ज है। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। असलहे व लग्जरी वाहन भी मिले हैं।
-सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी
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