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एसटीएफ जांचेगी पर्दाफाश की कहानी सच्ची या झूठी

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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
बेतियाहाता के दवा व्यापारी नीरज रामरायका हत्याकांड के पर्दाफाश की कहानी सच्ची या फिर झूठी, इसकी पड़ताल स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) कर रही है। इसका औपचारिक एलान भले ही न किया गया हो, लेकिन एसटीएफ उठते सवालों का जवाब ढूंढने में लगी है। यदि पर्दाफाश में कोई नया मोड़ आया तो एसटीएफ तथ्यों को सामने रखने से नहीं चूकेगी। जांच में अगर हत्याभियुक्त बदला तो पुलिस की किरकिरी होनी तय है।
दवा व्यापारी हत्याकांड के पर्दाफाश से पुलिस सवालों के घेरे में है। इस मामले में पुलिस ने शाहपुर के रोहित वर्मा को आरोपी बनाया और गिरफ्तार करके जेल भेजा है। अब रोहित की मां गीता और क्षेत्र के लोग रोहित को निर्दोष बताकर मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। इस सिलसिले में आरोपी की मां ने भाजपा के नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल से मुलाकात की थी। एसएसपी को ज्ञापन दिया था। बुधवार को रोहित के घर वालों के सोशल मीडिया (ट्विटर) के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र भेजा। उन्होंने व्यापारी हत्याकांड में रोहित को जान-बूझकर फंसाने का आरोप लगाया है। साथ ही उचित न्याय की मांग की है। अब इन्हीं सवालों का जवाब ढूंढने में एसटीएफ लगी है।
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सूत्रों ने बताया कि जल्दबाजी के चक्कर में पुलिस से कुछ गलतियां हो सकती हैं। पुलिस ने पुराने विवाद को आधार बनाया और मामले का पर्दाफाश कर दिया। व्यापारी हत्याकांड के पर्दाफाश में कुछ समय और लेना चाहिए था। व्यापारी रामरायका का कई लोगों से विवाद था। शाहपुर के जिस रोहित को हत्याभियुक्त बनाया गया है, वह अपना पैसा मांग रहा था। इसके लिए कैंट थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा कराया था। व्यापारी को कानूनी नोटिस भी भेजा था। विवाद जगजाहिर था। ऐसे में हत्या की गलती रोहित करेगा, इस पर सवाल उठना लाजिमी है। बहरहाल, एसटीएफ की आंतरिक छानबीन से सही तथ्यों के बाहर आने की उम्मीद है।
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