खोराबार (गोरखपुर)। सहारा इस्टेट के मुख्य गेट के पास स्थित पार्क में पेड़ से लटककर संतोष पासवान (30) ने खुदकुशी कर ली। पास में ही बाइक खड़ी देखकर गार्ड उस ओर गया तो घटना की जानकारी हुई। गार्ड ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। सीसीटीवी फुटेज में युवक 10:45 पर सहारा इस्टेट में दाखिल होता दिखा। संतोष की जेब से डिप्रेशन की दवाएं भी मिलीं हैं। मां शारदा देवी के मुताबिक वह पिछले कुछ समय से अवसाद में थे।
कैंट इलाके के भगता निवासी संतोष पासवान सिक्टौर चौराहे पर अंडे की दुकान लगाते थे। बड़े भाई अशोक पासवान शिक्षक हैं और पत्नी अनुराधा भी शिक्षक बनने की तैयारी कर रही हैं। संतोष दुकान के साथ ही जमीन की खरीद फरोख्त का भी काम करते थे। पत्नी अनुराधा के मुताबिक सुबह दस बजे के करीब वह घर से निकले थे और फिर उनके मौत की सूचना मिली। पुलिस के मुताबिक गार्ड ने बताया कि वह गेट से दाखिल हुआ और फिर पार्क की ओर गया। कुछ देर तक बाइक खड़ी तो पूछताछ के लिए गया तो देखा कि वह फंदे से लटका हुआ था। खोराबार थाना प्रभारी अनिल कुमार उपाध्याय ने बताया कि शरीर पर चोट के निशान नहीं है। संतोष ने खुदकुशी की है। जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घर से ही लेकर आया था रस्सी
संतोष घर से ही रस्सी लेकर आए थे। यही वजह है कि गेट से दाखिल होने के कुछ समय बाद ही उन्होंने खुदकुशी कर ली। पूछताछ में पता चला कि संतोष ने अपने दोस्तों से घर में उपेक्षा की बात कही थी। बड़े भाई शिक्षक होने की वजह से आर्थिक मजबूत थे लेकिन संतोष की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी जिस वजह से वह अवसाद में आ गया।
झाड़-फूंक भी कराई थी
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि संतोष ने अवसाद की दवा खाने के साथ ही झाड़-फूंक भी कराई थी। पास के ही एक तांत्रिक के पास वह अक्सर जाया करते थे। संतोष के दो बच्चे अमृत (6) और कृष्णा (4) हैं। पत्नी अनुराधा से उनके रिश्ते कुछ दिनों से ज्यादा ठीक नहीं थे। पत्नी लखनऊ जाकर शिक्षक का जॉब भी करना चाहती थीं। इसे लेकर भी उन्होंने विरोध किया था।
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