गोरखपुर। जिला सहकारी बैंक, खोराबार के पूर्व प्रबंधक और स्टाफ के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सरकारी आवास का अनुदान निकालने का केस दर्ज किया गया है। करीब पांच साल पहले के इस मामले में मुकदमा एसएसपी के आदेश पर पीड़ित की तहरीर पर दर्ज हुआ। पीड़ित पांच साल से बैंक और थाने के चक्कर काट रहा है।
खोराबार के सनहा गांव निवासी मुन्नी लाल का बैंक खाता सहकारी बैंक के खोराबार शाखा में है। आरोप है कि 2012 में उनके खाते में सरकारी आवास के लिए 45 हजार रुपये आए थे, जिसे तत्कालीन प्रबंधक ने फर्जी हस्ताक्षर से निकाल लिया। जब वह फरियाद लेकर बैंक गए तो न सिर्फ टालमटोल किया गया बल्कि उन्हें कोई जानकारी भी नहीं दी गई। 2016 में प्रबंधक के स्थानांतरण के बाद आए जब नए प्रबंधक से भी मुन्नी लाल ने इस बाबत शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब से पीड़ित बैंक और पुलिस के पास प्रार्थना पत्र दे रहा है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी।
पिछले दिनों मुन्नी लाल ने एसएसपी से मुलाकात कर गुहार लगाई। उनके आदेश पर मंगलवार को खोराबार पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर रुपये निकालने की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुूरू कर दी।