गोरखपुर।
लापता किशोर इंद्रकुमार की हत्या कर नदी में फेंकी गई लाश से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया। एसपी नार्थ गणेश साहा के मुताबिक इंद्रकुमार की हत्या पूर्व प्रधान ने दो लोगों के साथ मिलकर की थी। साजिश रचने के बाद गांव के ही दो दोस्त उसे लेकर गए और फिर पूर्व प्रधान के साथ मिलकर हत्या कर दी। उसे गला दबाकर मारा गया और फिर शव को साड़ी में लपेटकर नदी में फेंक दिया गया।
बुधवार को पुलिस लाइंस में एसपी नार्थ गणेश साहा ने मीडिया को बताया कि सहजनवां के टिकरिया गांव के 16 वर्षीय इंद्र कुमार का गांव की ही एक लड़की के साथ प्रेम संबंध था। इसकी जानकारी लड़की के करीबी पूर्व प्रधान कोदई को हुई तो उसने हत्या की साजिश रची। इंद्र कुमार की दुर्गेश और गांव के ही नागेंद्र निषाद के बेटे उपेंद्र से दोस्ती थी। 26 जुलाई की शाम दोनों दोस्त उसे घर से बुलाकर बंधे की तरफ ले गए। वहां पूर्व प्रधान कोदई पहले से ही मौजूद था। शाम करीब साढ़े सात बजे इंद्र कुमार की गला दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव बोरे में भरकर साड़ी से लपेटकर रस्सी से बांधा गया और देर रात नदी में ले जाकर फेंक दिया गया। दूसरे दिन शव नदी में उतराया मिला। शिनाख्त होने के बाद पुलिस जांच में जुटी थी। क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम की मदद से सहजनवां इंस्पेक्टर अरुण कुमार शुक्ला ने कोदई, उसके बेटे दुर्गेश और उपेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से इंद्र कुमार का पर्स, प्रवेश पत्र, आधार कार्ड आदि भी बरामद कर लिया गया है।