पिपराइच थाना क्षेत्र के भलुहीं गांव में मिट्टी के घर की दीवार गिरने से बाप और दो बेटे की दबकर मौत हो गई। दीवार बारिश की वजह से कमजोर हो गई थी। दीवार गिरते ही आसपास के लोगों ने मलवा हटाया लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। हादसे की सूचना पर एसडीएम सदर अरुण मिश्रा, सीओ चौरीचौरा रचना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उधर, भाजपा विधायक महेंद्र पाल सिंह, जिला अध्यक्ष जनार्दन तिवारी भी मौके पर पहुंचे और डीएम से बातचीत कर मदद देने को कहा।
घटना बुधवार सुबह की है। भलुहीं के फूलचंद का बड़ा बेटा रमेश गुजरात में मजदूरी करता है। वह इन दिनों घर आया हुआ था। पत्नी संगीता, बेटा अमन, छोटू और खुशबू के साथ मिट्टी के मकान में रहता था। बुधवार सुबह वह घर के पास ही हैंडपंप लगवा रहा था। पत्नी बेटी के साथ गांव में गई थी और दो बेटे अमन (12) और छोटू (8) वहीं पर खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक दीवार ढहने लगी और दोनों बेटों को उसकी चपेट में आते देखकर रमेश बचाने को दौड़ा तब तक एकाएक दीवार पूरी तरह धरशाई हो गई। जिसमें तीनों दब गए। पास से ही गुजर रहे ग्रामीणों की नजर पड़ी तो वे शोर मचाते हुए मदद को दौड़े। भटहट प्रतिनिधि के मुताबिक ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाया गया मगर तब तक तीनों की मौत हो गई थी। मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने मदद का आश्वासन दिया है।
बेसुध हुई पत्नी, मची चीख पुकार
दीवार गिरने से दो बेटों और पति की मौत की खबर पाते ही संगीता बेसुध हो गई। पूरे घर में चीख पुकार मच गई। वहीं हादसे की खबर से गांव में भी मातम छाया हुआ है।
चंद मिनटों में मातम में बदली खुशी
रमेश के घर की खुशी चंद मिनटों में ही मातम में बदल गई। गुजरात से कमाकर लौटे रमेश ने लंबे इंतजार के बाद खुद का हैंडपंप लगवाने की पत्नी की इच्छा पूरी की थी। मगर इसकी खुशी नहीं मना पाए। हैंडपंप लगवाने के बाद खुशी की मिठाईयां बांटने के लिए बेटी के साथ पत्नी गांव में गई थी इसी दौरान दो मासूम बच्चे और पति की दीवार गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद से ही पत्नी बेसुध है। फूलचंद के तीन बेटों में सबसे बड़ा रमेश गुजरात में रहकर मजदूरी करता था। घर पर मौजूद पत्नी को रोजाना दूर जाकर पानी लाना पड़ता था। वहां से कमाकर लौटा तो पत्नी की खुशी और सुविधा के लिए हैंडपंप लगवाया। दोनो बच्चे पंप को चलाकर उसके पानी को साफ करने में लगे थे तभी मिट्टी की दीवार गिर गई जिससे दबकर तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। तीन मौत की खबर सुनकर रिश्तेदार और आसपास के गांव वाले भी एकत्र हो गए। सभी पत्नी को समझाकर शांत कराने में लगे रहे।
बेघर हो गई पत्नी संगीता
पति और दो बेटों को गंवा चुकी संगीता बेघर हो गई। मिट्टी के जिस घर में वह बच्चों के साथ गुजर बसर करती थी वह पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। उसके पास रहने को छत भी नहीं है और बेटी की परवरिश भी उसे ही करनी है।