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आइस फैक्ट्री के मालिक ने गोली मारकर की खुदकुशी

Wed, 19 Sep 2018 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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छोटेलाल वर्मा का शव मिलने पर रोते-बिलखते परिजन और जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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खड्डा (कुशीनगर)। आइस फैक्ट्री के मालिक एवं भाजपा नेता ने मंगलवार की रात लाइसेंसी रिवाल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। बुधवार की सुबह सूचना पर परिजन और आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने लाइसेंसी रिवाल्वर और शव को कब्जे में ले लिया।
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नगर पंचायत खड्डा के आजाद नगर निवासी 65 वर्षीय छोटेलाल वर्मा लंबे समय से भाजपा से जुड़े थे। उनके दो बेटे दुर्गेश्वर वर्मा, कमलेश्वर वर्मा और एक बेटी है। दुर्गेश्वर वर्मा भाजपा से चेयरमैन पद का चुनाव लड़ चुके हैं। छोटेलाल वर्मा की वार्ड नंबर एक अंबेडकरनगर में आंचल नाम से आइस फैक्ट्री है।

धवार की सुबह फैक्ट्री के कर्मचारी सो कर उठे तो तख्त पर छोटेलाल वर्मा की खून से सनी लाश देख कर सहम गए। सूचना मिलते ही परिजन और आसपास के लोग फैक्ट्री पहुंच गए। थोड़ी देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसओ अनुज सिंह ने बताया कि छोटेलाल वर्मा के दाहिने हाथ में लाइसेंसी रिवाल्वर दबा था और सीने के पास गर्दन के नजदीक पड़ा था।
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जबकि बायां हाथ भी सीने के पास था। ललाट के पास गोली लगने का निशान दिख रहा था। गोली सिर के अंदर से होकर निकल गई थी। वह बंडी व जांघिया पहने थे और मोबाइल व टार्च तथा कागज पर लिखा एक मोबाइल नंबर मिला।

व की स्थिति और परिजनों से पूछताछ से छोटेलाल वर्मा द्वारा आत्महत्या करने की आशंका है। उनकी पत्नी की नौ महीने पहले मौत हो गई थी। बिजली निगम से मुकदमा भी चल रहा था। वह एकाकी जीवन गुजार रहे थे। डिप्रेशन में आकर आत्महत्या करने की बात कही जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

सदमे में परिजन, हर कोई गमगीन
खड्डा। छोटेलाल वर्मा कस्बे के संभ्रांत लोगों में थे। उनकी ज्वेलरी की दुकान भी है। उनकी इस प्रकार मौत की सूचना से नगर के लोग हतप्रभ हैं। बेटे दुर्गेश्वर व कमलेश्वर बताते हैं कि नौ माह पूर्व मां का निधन हो गया था। उससे अभी उबर भी नहीं पाए थे कि पिता की इस तरह से मौत हो गई। कमलेश्वर बताते हैं कि उनके पिता का बिजली निगम से मुकदमा चल रहा था।

उसको लेकर कुछ परेशान थे। उन्होंने इस तरह का कदम क्यों उठाया? समझ में नहीं आ रहा है। वह कई साल से आइस फैक्ट्री में रहते थे। दिन में घर आकर हालचाल लेते व पोते-पोतियों को स्कूल पहुंचाते, दुलार करते थे। रात में फैक्ट्री में ही सोते थे।

उनके पास लाइसेंसी रिवॉल्वर था। घटना से परिजन सदमे में हैं। नगर के लोग भी गमगीन हैं। विधायक जटाशंकर त्रिपाठी, पूर्व विधायक दीपलाल भारती, मिठाई बाबा, विवेकानंद पांडेय, नीलेश मिश्रा, विजय लक्ष्मी मिश्रा, राम अवध मद्धेशिया, धर्मेंद्र राव, प्रिंस मद्धेशिया, शशि डालमिया, अंजनी शुक्ला, शत्रुजीत शाही ने शोक संवेदना व्यक्त की।
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