देवरिया कांड में गिरफ्तार किए गए आरोपी
गोरखपुर। देवरिया के नारी संरक्षण गृह में देह व्यापार कराने के आरोप में पकड़ी गई संचालिका गिरिजा त्रिपाठी की बेटी और जिला प्रोबेशन अधिकारी दफ्तर में तैनात संविदा कर्मचारी कनकलता त्रिपाठी और तीन अन्य को मंगलवार को गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। इसकी पुष्टि जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने की है। जिलाधिकारी का कहना है कि गिरफ्तार किए गए चारो लोगों को देवरिया पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा।
देवरिया की संस्था का वृद्धाश्रम खोराबार के रानीडीहा क्षेत्र में चलता था। इस तथ्य के सामने आने के बाद मंगलवार को सुबह पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की टीम वृद्धाश्रम पहुंच गईं। छानबीन के दौरान ही वृद्धाश्रम से एक युवती मिली, जिसे अवैध तरीके से रखा गया था। इसकी जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी और एसएसपी शलभ माथुर भी वृद्धाश्रम पहुंचे। विस्तृत जांच-पड़ताल और दस्तावेज खंगालने के बाद अफसरों ने मामले में देवरिया से गिरफ्तार गिरिजा त्रिपाठी की बेटी कनकलता त्रिपाठी, वृद्धाश्रम के कर्मचारी अंकित मिश्रा, सफाई कर्मी लालमती, रसोइया माला श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया।
इसकी रिपोर्ट देवरिया पुलिस को उपलब्ध करा दी गई है। गिरफ्तार आरोपियों से अब देवरिया पुलिस ही आगे की पूछताछ करेगी। अफसरों का कहना है कि वृद्धाश्रम का संचालन अवैध तरीके से किया जा रहा था। इसका रजिस्ट्रेशन नहीं था, फिर भी बुजुर्ग महिलाओं को रखा गया था। अब वृद्धाश्रम और इसके संचालन से जुड़ी कनकलता त्रिपाठी के संबंधों को खंगाला जा रहा है। वृद्धाश्रम के अवैध संचालन में किसी सरकारी कर्मचारी या फिर अधिकारी की भूमिका है या नहीं, इसकी छानबीन भी कराई जा रही है।
दूसरे तल पर युवती को छिपाया
एडीएम प्रशासन प्रभुनाथ और एसपी सिटी विनय कुमार सिंह ने सोमवार की रात वृद्धाश्रम की जांच-पड़ताल की थी। इस दौरान रजिस्टर में एक युवती का नाम दर्ज था लेकिन वह मौजूद नहीं थी। इसकी रिपोर्ट आला अफसरों को दी गई। शक के आधार पर मंगलवार को छापेमारी की गई, तब वृद्धाश्रम प्रशासन की साजिश का पर्दाफाश हो सका। पता चला कि अफसरों के पहुंचने से पहले युवती को दूसरे तल पर छिपा दिया गया था।