अस्पताल में भर्ती नस काटने वाला कैदी अभिषेक।
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जेल की बैरक नंबर दो में विचाराधीन बंदी ने हाथ की नस काटकर जान देने की कोशिश की। बंदी की हरकत से जेल में हड़कंप मच गया। नस कटते ही वह मिस यू मम्मी चिल्लाने लगा। जेल अधिकारियों ने तत्काल उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि मां से मुलाकात और जमानत नहीं मिलने पर वह अवसाद में आ गया था। हालांकि उसने बीस दिन पहले मुलाकात से लिए आई मां से मिलने से मना कर दिया था। जेल में ब्लेड की मौजूदगी सवालों के घेरे में है।
16 दिसंबर 15 से शाहपुर के मोती पोखरा निवासी अभिषेक (30) प्रेमिका एलिना सूजी लारेंस की हत्या में जेल में बंद हैं। कुछ दिनों से वह जेल में बैचन था। रविवार रात को जेल में उसने भोजन भी नहीं किया। सोमवार की सुबह दस बजे बैरक की बाथरूम में जाकर बाएं हाथ की कलाई की नस काट ली। इस पर वह जमीन पर गिरा और जोर-जोर से आई मिस यू मम्मी चिल्लाने लगा। बंदियों ने तत्काल सूचना अफसरों को दी। सूचना पाकर पहुंचे अफसरों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर का कहना है कि हालत खतरे से बाहर हैं।
प्रेमिका के साथ खाया था जहर
बंदी अभिषेक ने बताया कि आठ दिसंबर 15 को उसने प्रेमिका एलिना सूजी लारेंस के साथ घर पर जहर खा लिया था। एलिना की मौत हो गई, वह जिंदा बच गया। लड़की के घरवालों ने जहर देखकर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। प्रेमिका की मौत से वह काफी अवसाद में है। उसने कहा कि वह कभी शादी नहीं करेगा। प्रेमिका उसकी याद से निकलती नहीं है।
आत्महत्या की पहले भी कर चुका है कोशिश
अभिषेक के हाथ की कलाई और गर्दन पर घाव बता रहे थे कि उसने कई बार आत्महत्या की कोशिश की है। बंदी की मां अर्चना ने बताया कि इसके पहले वह कई बार हाथ की नस और गला काटने की कोशिश कर चुका हैं। जेल में पहली बार उसने इस तरह की हरकत की है। जमानत अर्जी खारिज होने के बाद मामला हाईकोर्ट में चला गया हैं। अगले महीने सुनवाई होनी है। वह बार-बार कहता है कि मां मुझे जेल से बाहर निकलवा दो। उसकी केस में वादी, एलिना की मां सूफिया लारेंस और बहन अर्शील लारेंस की पिछले वर्ष हत्या हो गई थी। डबल मर्डर में आरोपी शिवप्रसाद जमानत पर बाहर आ गया। इस बात से अभिषेक परेशान था।
बंदी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ दिन पहले उसकी मां ने मुलाकात की अर्जी लगाई लेकिन अभिषेक ने मिलने से मना कर दिया। कई बार जेल में उसे डाक्टर को दिखाया गया था। हाथ की नस उसने कैसे काटी इसकी जांच की जा रही है।
-रामकुबेर सिंह, जेलर