गोरखपुर। पुलिस की रिवाल्वर के साथ माफिया प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस की घेरेबंदी के दौरान उसने एक फायर भी किया लेकिन पुलिस के चेतावनी पर उसने हथियार नीचे कर दिया। कोतवाली थाने के दो मामलों में वांछित प्रदीप की पुलिस तलाश कर रही थी। उसके खिलाफ 50 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।
एसपी नार्थ गणेश साहा ने मीडिया को बताया कि जेल से रिहा होने के बाद से ही प्रदीप जमीन के कारोबार में लग गया था। विवादित जमीन पर कब्जा करने के दौरान ही कोतवाली इलाके में दो जगहों पर प्रदीप ने फायरिंग कर जान से मारने की कोशिश की थी। दोनों ही मामले में केस दर्ज कर पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली थी कि प्रदीप मल्हीपुर गांव के मोड़ पर खड़ा है। इसी सूचना पर एसपी नार्थ, सीओ कैंपियरगंज आशुतोष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखते ही प्रदीप ने फायर कर दिया। गोली से बचते हुए पुलिस ने चेतावनी दी जिसके बाद वह पकड़ा लिया गया। उसके पास से प्रतिबंधित बोर .38 का रिवाल्वर, एक खोखा व 13 कारतूस बरामद हुए। गिरफ्तारी करने वाली टीम इंस्पेक्टर अरुण कुमार शुक्ला, अनिल उपाध्याय, सत्य प्रकाश सिंह, अशोक मिश्रा, अरुण कुमार, राकेश यादव, राजीव शुक्ला को पुरस्कृत किया गया।
जेल में फिर आमने सामने प्रदीप-सुधीर
अपराध की दुनिया में एक-दूसरे के जानी दुश्मन प्रदीप सिंह व सुधीर सिंह एक बार फिर जेल में आमने-सामने हो गए हैं। सुधीर सिंह को भी पुलिस ने कुछ दिन पहले ही अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब प्रदीप सिंह भी जेल पहुंच गया। दोनों के बीच शुरुआती दौर से ही अदावत है। इसे लेकर जेल में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।