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डॉ. सतीश समेत फरार आरोपियों के घर छापा

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गोरखपुर।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज कांड में नामजद 9 में से तीन आरोपियों के गिरफ्तारी के बाद फरार आरोपियों के गिरफ्तारी का दबाव पुलिस पर बढ़ गया है। वारंट हासिल करने के साथ ही पुलिस की पांच टीमें गिरफ्तारी के लिए लगातार छापा डाल रही है। शनिवार को भी पुलिस ने फरार डॉ. सतीश के शाहपुर स्थित आवास व अन्य आरोपियों के घर छापा डाला। पुलिस की अलग-अलग टीमें शाहपुर स्थित डॉ. सतीश कुमार के आवास पर दो बार पहुंचीं लेकिन वह हाथ नहीं आए। पुलिस सूत्रों की माने तो सतीश की लोकेशन मिल गई है, जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी हो जाएगी। इस बीच पुलिस के लगातार दस्तक देने के चलते आरोपियों के घर वाले भी शहर छोड़ चुके हैं। ऐसे में अब आरोपियों के घरों पर पुलिस को या तो ताला मिल रहा है या फिर काम करने वाले लोग।
पुलिस फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर जल्द से जल्द विवेचना को आगे बढ़ाना चाहती है। इसके लिए एक तरफ पुलिस आरोपियों के लोकेशन ट्रेस होने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर लगातार दबाव बनाने के लिए उनके घरों पर छापा भी डाल रही है। एसएसपी का कहना है कि पुलिस टीमें लगाई गई है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
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फरार आरोपियों के गुनाह और कार्रवाई
मनीष भंडारी
मनीष भंडारी लिक्विड ऑक्सीजन के सप्लायर पुष्पा सेल्स के डायरेक्टर हैं। आरोप है कि पुष्पा सेल्स ने ही जीवनरक्षक ऑक्सीजन की सप्लाई ठप की थी। मनीष भंडारी के घर विवेचक सीओ कैंट भी छापा डाल चुके हैं। सूत्र बताते है कि इस दौरान अहम दस्तावेज भी पुलिस को मिले हैं। मनीष से भी विवेचना में सहयोग की बात कही गई थी, पर वह नहीं आए।

गजानन जायसवाल
पीपीगंज क्षेत्र के जंगल कौड़िया निवासी गजानन जायसवाल मेडिकल कॉलेज में चीफ फर्मासिस्ट हैं। डॉ. सतीश कुमार की मदद में इनकी ड्यूटी थी। उन पर ऑक्सीजन की उपलब्धता, लाग बुक, स्टाक बुक दुरुस्त रखने का जिम्मा था। आंकड़ों में खेल कर कमीशन कमाने का आरोप है। पुलिस इनके घर भी दस्तक दे चुकी है।

उदय प्रताप शर्मा
गुलरिहा थाना क्षेत्र के झुंगिया निवासी उदय प्रताप शर्मा लेखा विभाग में तैनात रहे। पिता अनिरुद्ध की मौत के बाद उनकी जगह पर नौकरी मिली थी। आरोप है कि कमीशन के चक्कर में इन्हीं ने भुगतान की फाइल नहीं तैयार की थी। पुलिस ने चार बार इनके घर दबिश दे चुकी है। केस दर्ज होने के बाद से ही फरार चल रहे हैं।

संजय कुमार त्रिपाठी
शाहपुर के रामनगर कॉलोनी निवासी संजय कुमार त्रिपाठी भी लेखा विभाग में रहे। उनके पिता केके त्रिपाठी भी मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी थे। इनको भी पिता की जगह नौकरी मिली थी। इन पर भी कमीशन के लिए भुगतान में देरी का आरोप है। इनके घर व रिश्तेदार के यहां पुलिस दबिश दे चुकी है।
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सुधीर कुमार पांडेय
पिपराइच थाना क्षेत्र के नारायनी नगर में सुधीर कुमार पांडेय का मकान है। इनके पिता भी मेडिकल कर्मचारी थे। कमीशन के लिए सेंटिंग करने के अलावा पत्रावली को देरी से पेश करने का आरोप है। इसी आधार पर पुलिस ने इनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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