पिपराइच (गोरखपुर)। जंगल छत्रधारी गांव के मिश्रौलिया टोले के बुजुर्ग शिवप्रसाद की पिटाई से मौत के बाद शनिवार को पोस्टमार्टम से शव आने के बाद आक्रोशित घरवालों और ग्रामीणों ने आरोपी प्रधान छोटेलाल और उसके भतीजे विजय के घर पर पथराव किया। घरवाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे और शव के दाह संस्कार से इंकार कर दिया। इससे पुलिस के हाथ पांव फूल गए। सूचना पर तत्काल एसपी नाथ अरविंद पांडेय और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व उपजिलाधिकारी, पीएसी और स्थानीय पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने चौबीस घंटे के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर घरवालों को मनाया।
इसके बाद घरवालों ने शव का दाह संस्कार कर दिया। इस बीच लोगों ने कहा कि पुलिस मारपीट के बाद आरोपियों को थाने ले गई थी, लेकिन बाद में छोड़ दिया। उधर पुलिस ने शनिवार को मारपीट, हत्या के प्रयास और बलवा के दर्ज केस में हत्या की धारा बढ़ा दी है।
मिश्रौलिया गांव निवासी शिवप्रसाद (60) बुधवार की सुबह ठेला लेकर प्रधान के दरवाजे के पास से जा रहे थे। उसी दौरान ठेला प्रधान के दरवाजे पर रखे जेनरेटर से टकरा गया। आरोप है कि उससे नाराज प्रधान छोटेलाल ने भतीजे विजय निषाद सहित कई अन्य लोगों के साथ मिलकर शिवप्रसाद की बेरहमी से पिटाई कर दी।
शुक्रवार की सुबह लखनऊ पीजीआई में इलाज के दौरान शिवप्रसाद की मौत हो गई। शव लेकर गांव पहुंचे घर वालों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने 14 नामजद और कई अज्ञात पर मारपीट, बलवा, हत्या के प्रयास के आरोप में केस दर्ज किया था। पिपराइच के थानेदार सारनाथ सिंह ने बताया कि मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ा दी गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।