गोरखपुर। तिवारीपुर की सूर्य विहार कॉलोनी में जीआरपी इंस्पेक्टर अजित सिंह की बहन और ब्यूटी पार्लर संचालिका रेनू सिंह की हत्या पति सुनील सिंह ने ही की थी। पुलिस ने 24 घंटे में पर्दाफाश कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उस बट्टे (लोढ़ा) को भी बरामद कर लिया जिससे रेनू को मारा गया था। पुलिस के मुताबिक पति-पत्नी में विवाद हुआ था। पत्नी ने पति की बेरोजगारी को लेकर ताना मारा था, इससे नाराज होकर सुनील ने रेनू के सिर पर जानलेवा वार कर दिया।
एसएसपी शलभ माथुर ने देर रात मीडिया को बताया कि रेनू की हत्या बेडरूम में की गई थी। पति ने तड़के 3.30 बजे मार्निंग वाक पर जाने की जो कहानी बताई थी, वह पच नहीं रही थी। यह तो तय था ही कि हत्या किसी करीबी ने की है। रेनू के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में कुछ नहीं मिला। सूरजकुंड ओवरब्रिज के आसपास लगे कैमरे की जब फुटेज चेक की गई तो उसमें सुनील जाता दिखा। उसके हाथ में झोला था। इसी बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई। इससे पता चला कि रेनू की हत्या मंगलवार की रात 12.30 बजे की गई थी। इस रिपोर्ट के बाद ही सुनील को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में वह टूट गया और पत्नी की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया।
एसएसपी ने सुनील के हवाले से बताया कि मंगलवार की देर रात रेनू की तबीयत खराब थी। इसपर पति ने कहा घबराओ नहीं, अपनी बहन के घर से गाड़ी मंगा लेता हूं। इतना सुनते ही पत्नी भड़क गईं और उसे खरी-खोटी सुनाने लगीं। साथ ही बट्टा उठाकर खुद को मारने लगीं। इस पर उसे भी गुस्सा आ गया और उसने पत्नी से बट्टा छीनकर उसके सिर पर मार दिया। पुलिस से बचने के लिए ही उसने मार्निंग वाक से लौटने के बाद पत्नी का शव मिलने की कहानी गढ़ी। सीसीटीवी फुटेज में सुनील के हाथ में जो झोला दिखा, उसमें वह हत्या में इस्तेमाल बट्टा लेकर जा रहा था। पुलिस ने बट्टा भी बरामद कर लिया है।
इनसेट
पत्नी के दाह संस्कार के बाद हिरासत में लिया
रेनू का राजघाट पर दाह संस्कार किया गया। पति सुनील ने ही मुखाग्नि दी। वहीं से पुलिस ने सुनील को हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक हत्या के आरोप से बचने के लिए सुनील ने ही घर का सामान बिखेरा और पुलिस को बताया था कि पत्नी की हत्या के बाद लूटपाट की गई है। एक कान का टप्स और कुछ कैश गायब हैं।
इंसपेक्टर भाई के सामने हुई पूछताछ
रेनू सिंह के भाई और जीआरपी इंस्पेक्टर अजित सिंह के सामने पुलिस ने सुनील सिंह से पूछताछ की। इस दौरान सुनील ने पूरी घटना कबूल करते हुए आला कत्ल भी बरामद करा दिया। इस घटना से जीआरपी इंस्पेक्टर को भी सदमा लगा। उन्हें भरोसा नहीं था कि सुनील अपनी पत्नी की हत्या कर देगा।
पर्दाफाश में पुलिस के मददगार तथ्य
- पोस्टमार्टम में रात 12:30 बजे हत्या की पुष्टि होना
- सुनील का तड़के 3:30 बजे टहलने जाना, वह भी तब जब पत्नी की तबीयत खराब थी
- 4:30 बजे तक शव का अकड़ जाना और खून का जम जाना
- सीसीटीवी फुटेज में सुनील के अलावा किसी और का न दिखना
- पति के बाएं हाथ और शरीर पर चोट के निशान का मिलना