गोरखपुर। चिलुआताल के ओंकारनगर में घर में सो रही प्रियंका शर्मा (18) और उसके भाई शिवम शर्मा (12) पर केरोसिन डालकर जलाने की कोशिश की गई। बहन की हालत बेहद नाजुक है। उसका निजी चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। घटना की सूचना पाकर एसएसपी शलभ माथुर फोर्स और फोरेंसिक एक्सपर्ट के साथ मौके पर पहुंचे।
छानबीन के बाद अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। जिस कमरे में प्रियंका सोई थी, उस कमरे के रोशनदान के नीचे सड़क से पुलिस ने माचिस और केरोसिन का खाली डिब्बा बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक पहले रोशनदान से केरोसिन फेंका गया, फिर आग लगाई गई। घटना शुक्रवार को तड़के 3:30 बजे की है।
आदर्श इंटर कॉलेज मोहरीपुर में 12वीं की छात्रा प्रियंका की मां सुनीता बृहस्पतिवार को अपनी बहन के घर ब्रह्मभोज में शामिल होने पिपराइच गई थीं। घर पर पिता राकेश प्रसाद, बड़ा भाई विक्की, प्रियंका और शिवम मौजूद रहे।
रात 9:30 बजे प्रियंका अपने छोटे भाई शिवम के साथ सोने चली गईं। पिता अंदर दूसरे कमरे में और उनका बड़ा भाई विक्की बरामद में सोया था। शुक्रवार को तड़के अचानक प्रियंका के चीखने-चिल्लाने की आवाज आई। उनका छोटा भाई शिवम भी चिल्लाते हुए भागा तो पिता की आंख खुल गई। वह भागकर पहुंचे तो देखा कि शिवम के हाथ आग से जल रहे हैं। किसी तरह आग बुझाकर वह प्रियंका के कमरे में पहुंचे तो वह भी आग से घिरी मिली। राकेश के मुताबिक कंबल की मदद से प्रियंका बचाया, फिर जलते बिस्तर, कपड़ों को बेड से नीचे फेंका।
आनन-फानन में प्रियंका और शिवम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में बेटी को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करा लिया। सूचना पाकर एसएसपी शलभ माथुर फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से हुई छानबीन से पता चला कि प्रियंका और उसके भाई पर केरोसिन फेंककर आग लगाई गई है। जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल आफिसर डॉ. अभिषेक ने भी केरोसिन से जलने की रिपोर्ट लगाई है।
डॉ. अभिषेक के मुताबिक छात्रा 35-45 फीसदी जली है। उसकी हालत नाजुक है, जबकि शिवम मामूली रूप से झुलसा है। बहरहाल, घटना की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। चिलुआताल पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
एसिड अटैक की सूचना पर दौड़े अफसर
छात्रा पर एसिड अटैक की सूचना पर अफसरों के होश उड़ गए। एसएसपी शलभ माथुर खुद कई थाने की फोर्स के साथ मौके पर जा पहुंचे। हर बिंदु की बारीकि से छानबीन की। जांच में केरोसिन से जलने की पुष्टि हुई, तब एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई।