गोरखपुर। रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक होटल के कमरे में फंदे से लटकती हुई लाश मिली। कमरा भीतर से बंद होने और सामान के साथ मिले पत्र का हवाला देकर पुलिस मामले को खुदकुशी बता रही है। युवक कानपुर के जीएसवीएम कॉलेज का जूनियर डॉक्टर था। मौके पर मजिस्ट्रेट ने भी पहुंचकर जांच पड़ताल की।
घटना के केंद्र में हैं मेरठ में गढ़ रोड स्थित राजनगर कॉलोनी निवासी शंकर लाल के पुत्र रॉबिन कुमार (30)। होटल सनराइज के रिकॉर्ड के मुताबिक आठ जनवरी की शाम करीब 5.30 बजे रॉबिन ने होटल में कमरा लिया था।
उन्हें कमरा संख्या 111 में ठहराया गया था। अगले दिन मंगलवार को पूरे दिन कमरा बंद रहा, जबकि शाम को कुछ देर के लिए रॉबिन बाहर चहल-कदमी करने निकले थे। बुधवार को आधा दिन गुजरने के बाद भी कमरा नहीं खुला। इस बीच सफाई की जरूरत पर स्टाफ ने दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। संयोग से दरवाजे में सुराख था, जिससे आंख सटाकर देखने रॉबिन का शरीर पंखे से बंधे फंदे पर लटका नजर आया।
होटल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस पहुंची और शव को उतारकर कमरे में की जांच की। पुलिस के मुताबिक कमरे से रॉबिन के मोबाइल फोन, आधार कार्ड के अलावा सुसाइड नोट जैसी शैली में लिखा पत्र मिला है। फोन का कीपैड लॉक होने और पासवर्ड न मिलने से फोन की डिटेल अभी नहीं जांची जा सकी है। इस बीच उसी फोन पर आई रॉबिन के दोस्त की कॉल के जरिए उसके घर वालों को जानकारी दे दी है। उनके बृहस्पतिवार सुबह तक गोरखपुर पहुंचने की उम्मीद है। पुलिस ने इसे खुदकुशी की घटना बताया है लेकिन कमरे से सुसाइड नोट मिलने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक पत्र में लिखा है कि अपनी जिंदगी से तंग आकर खुदकुशी कर रहा हूं, इसमें किसी का दोष नहीं है।