छठ पूजा से ठीक पहले गुलरिहा के अशरफपुर गांव में मेवाती देवी (60) की बेटे, बहू और नाती ने गला दबाकर हत्या कर दी। शनिवार रात में हत्या कर मेवाती का शव नाती सचिन ने मामा के स्कूटर से बनगाई जंगल में फेंक दिया था। बुधवार को संदेह के आधार पर बेटी ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। गुलरिहा पुलिस ने बेटा रामजी समेत पूरे परिवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो नाती सचिन ने हत्या की बात स्वीकार कर ली और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद कर लिया। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया है।
घटना की वजह संपत्ति विवाद सामने आया है। पुलिस की जांच में पता चला कि मेवाती देवी की दो बेटियां और एक बेटा है। मेवाती अपनी बेटियों को भी खेत में हिस्सा देना चाहती थी। इसी बात से नाराज होकर शनिवार की रात बेटे रामजी ने पत्नी सवारी देवी, बेटा सचिन, बेटी रीमा और रवीना के साथ मिलकर मां के मुंह पर कपड़ा बांधकर गला दबा दिया। चेहरे पर भारी समान से वार भी किया गया। पुलिस से सचिन ने बताया कि हत्या के बाद मामा रामचंद्र के स्कूटर से शव बोरे में भरकर जंगल में फेंक दिया था
मेवाती की बेटियों ने पुलिस को बताया कि शनिवार को मोबाइल पर मां से बात हुई थी। उनकी तबीयत थोड़ी खराब थी। अगले दिन फोन करने पर भाई ने मां के कहीं चले जाने की बात बताई। रिश्तेदारी में बेटियों ने मां की तलाश की और न मिलने पर फिर बुधवार को पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद हत्या का पर्दाफाश हुआ। इंस्पेक्टर ओम हरि वाजपेयी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।