फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीरज की चिता पर बरसे नयनों से नीर

Sat, 17 Jun 2017 06:22 PM IST
आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, गोरखपुर।
विज्ञापन
दवा व्यापारी के अंतिम संस्कार के वक्त उनके दोनों बेटाें को ढांढ़स बंधाते लोग। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
दवा व्यापारी नीरज रामरायका उर्फ कल्लू की चिता राजघाट पर सजाई गई तो वहां का जर्रा-जर्रा तड़प उठा। छोटे बेटे अंश की चीत्कार ने लोगों के कलेजे को झकझोर दिया तो उसे संभालने में नाकाम खुशमिजाज भाई हर्ष भी फफक पड़ा। इस दृश्य को जिसने भी देखा उसकी आंखें नम हो गईं। ऊपर छाए काले बादल भी मानो नीरज के परिवार का दुख देखकर रोने को बेताब हो गए थे। आंसुओं की तरह कुछ बूंदें बरसीं भी, लेकिन नीरज की चिता इससे पहले ही नयनों के नीर से भीग चुकी थी।
विज्ञापन


एंबुलेंस से नीरज का शव जब घाट पर लाया गया तो अंश की चीखों ने लोगों को हिलाकर रख दिया। एक ओर लोग उसे संभालने में जुट गए तो दूसरी ओर दाह संस्कार की तैयारी की जाने लगी। इधर रोते-रोते अंश कई बार गश खाकर बेसुध होता दिखा। बड़ा भाई हर्ष कभी उसे संभालने के लिए दौड़ा तो कभी दाह संस्कार की रस्मों को निभाने के लिए भागा। इस बीच छोटे भाई का हाल देख उसकी भी आंखें बहने लगीं। हालांकि हर्ष ने खुद पर काबू पाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रहा। पिता की चिता को जैसे ही उसने मुखाग्नि दी उसके आंसुओं पर लगा सब्र का बांध भी बह गया। हर्ष और अंश के आंसू उसके परिवार पर हुए वज्रपात की पूरी कहानी कह रहे थे। उनकी सिसकियों में जमाने भर का दर्द था तो उनकी चीत्कार में गम के साथ गुस्सा भी था। सगेसंबंधी दोनों को संभालने की पूरी कोशिश कर रहे थे, लेकिन दिल का दर्द आंसुओं के रूप में झरझर बहता ही जा रहा था।

बेटे से भी बुरी पत्नी की हालत
घाट पर एक ओर जहां नीरज के दोनों बेटों का दारुण हाल देख लोग दुखी थे वहीं कुछ लोग घर पर नीरज की पत्नी पूनम की हालत देखकर सदमे में थे। लोग आपस में पूनम की बाबत बात कर रहे थे। रो-रोकर बार-बार बेहोश हो जा रहीं पूनम ने घटना के बाद किसी से कोई बात नहीं की थी। उनकी हालत ऐसी नहीं थी कि वह किसी से बात कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें