गोरखपुर। कचहरी चौक स्थित एक होटल में परिवार संग आई किशोरी से सादे कपड़ों में मौजूद सिपाहियों के छेड़खानी और विरोध करने पर मां को पीटने के मामले की सीओ जांच करेंगे। एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता ने इसे गंभीर मामला बताते हुए स्वत: संज्ञान लिया और शुक्रवार को सीओ कोतवाली वीपी सिंह को जांच सौंपी है। सीओ को दो दिन में जांच रिपोर्ट देने को कहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक आरोपी सिपाहियों की जिले में ही तैनाती है। पुलिस पीड़ित परिवार से संपर्क कर आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई भी कराएगी।
महराजगंज, सिसवा का रहने वाला एक परिवार बुधवार को गोरखपुर में बाजार करने आया था। बाजार करने के बाद पति, पत्नी और बेटा, बेटी एक होटल में खाना खाने चले गए। होटल में बेटा और बेटी जिस टेबल पर बैठे थे उसके सामने वाली टेबल पर तीन सिपाही भी सादे कपड़ों में खाना खा रहे थे। आरोप है कि एक सिपाही ने दंपती के बेटी से अश्लील हरकत की। छोटे बेटे ने मां को बताया तो मां गुस्से में आ गई और सिपाही को थप्पड़ मार दिया। इस पर तीनों ने अपने आप को सिपाही बताते हुए मां की पिटाई शुरू कर दी। महिला को पिटता देख राहगीर उनकी मदद को आ गए।
इस पर दो तो भाग निकले लेकिन भीड़ ने पीछा कर एक को पकड़ लिए। इस बीच 100 नंबर की सूचना पर पहुंची पीआरवी 0313 के पुलिसकर्मियों ने सिपाही को बचाकर गाड़ी में बैठाया। सिपाही के साथ पीड़ित परिजनों को लेकर वह कोतवाली पहुंचे। राहगीर भी पीछे-पीछे कोतवाली पहुंच गए। जब कोतवाल को सिपाही का मामला मालूम चला तो वह पीड़ित पर ही केस दर्ज करने की धमकी देने लगे। छेड़खानी को नजरअंदाज कर कोतवाल ने सिपाही को पीटने की घटना को मुद्दा बना लिया। उन्होंने कहा कि छेड़खानी पर पुलिस को फोन कर सकती थीं, सिपाही पर हाथ क्यों छोड़ा। इस पर परिवार डर गया और तहरीर वापस लेकर सिसवां लौट गए। मामले को संज्ञान में लेकर एसएसपी ने रात में ही कोतवाल से पूरी घटना की जानकारी ली।
मामला गंभीर है। सीओ को जांच सौंपकर दो दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ ही पीड़ित परिवार से संपर्क करके कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
डॉ सुनील गुप्ता, एसएसपी