महादेव झारखंडी की पार्वती नगर कॉलोनी में एक निर्माणाधीन मकान में प्रापर्टी डीलर सुशील यादव (45) का शव फंदे से लटका मिला। फंदा बिजली के तार से तैयार किया गया था। जमीन को छू रहे पैर मुड़े भी हुए थे। सुशील के घरवालों ने हत्या के बाद आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को लटकाए जाने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस की जांच में सुशील की जेब से सुसाइड नोट मिला है, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है। घटना की सूचना पर पहुंचे सीओ कैंट प्रभात राय ने घटना को प्रथम दृष्टया हत्या ही बताया है।
कैंट के विशुनपुरवा निवासी सुशील यादव सोमवार की सुबह 7.30 बजे घर से पैदल ही निकले थे। परिजनों के अनुसार वह झारखंडी मंदिर के पास रहने वाली अपनी मौसी के घर गए, वहां चाय पी। इसके बाद उनके मोबाइल पर किसी का फोन आने पर वह चले गए और घर नहीं लौटे। देर शाम परेशान घरवालों ने गुमशुदगी भी दर्ज करा दी थी। बुधवार की सुबह पास की ही कॉलोनी में लटके शव की जानकारी दी। जिसके बाद पहुंचे घरवालों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। जेब से मिले सुसाइड नोट की लिखावट को घरवालों ने सुशील की ही बताया है। मगर उन्हें आशंका है कि नोट दबाव में लिखवाकर हत्या की गई है।
चार पन्ने के सुसाइड नोट में लिखी हैं परेशानियां
सुशील की जेब से चार पन्ने का सुसाइड नोट मिला है। इसमें बड़े बुजुर्गों को नमस्कार कर आत्मघाती कदम के लिए माफी मांगी है। पत्र में लिखा है कि बैंक से 25 लाख रुपये कर्ज लेकर सिंघड़िया के एक टाइल्स व्यापारी से जमीन रजिस्ट्री कराई थी। जिसमें उनके साथ धोखा हुआ। इसी में उन्होंने तीन दोस्तों पर भी धोखा देने का आरोप लगाया। पत्र में लिखा है कि इससे संभलने के बाद नई बाजार निवासी एक दोस्त ने दस लाख रुपये हड़प लिए। पत्र को सही मानें तो एक ओर धोखेबाजी और दूसरी ओर कर्ज से सुशील टूट गए थे।
कर्ज चुकाने का रास्ता भी बता गए
पत्र में कर्ज चुकाने की बात का भी जिक्र है। दोस्त गुलाब की तारीफ करते हुए लिखा है कि देवरिया के रेवन्यू का नौ लाख रुपये मिलना है। इससे जुड़े कागजात घर में कूलर के पास मौजूद हैं। रामनगर करजहां के मोनू से नौ लाख लेने हैं। ये 18 लाख रुपये से ही गोबरी, तुलसी और पवन का कर्ज चुका दें।
चार भाइयों में सबसे बड़े थे सुशील
सुशील चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके तीन अन्य भाई दिनेश, राजेश और मनोज हैं। दिनेश गैस सिलिंडर बांटने काम करते हैं। राजेश आवास विकास कॉलोनी मोड़ पर पान की दुकान चलाते हैं और छोटा भाई मनोज पढ़ाई करता है। मौत की खबर पाकर उनकी पत्नी सुनीता, बेटे प्रियांशु व हिमांशु और भाई-बहनों का बुरा हाल है।
मंगलवार की शाम तक ऑन था मोबाइल फोन
घरवालों के अनुसार सुशील का मोबाइल फोन मंगलवार की शाम तक ऑन था। घंटी जा रही थी, लेकिन रिसीव नहीं हो रहा था। भाई राजेश ने बताया कि सर्विलांस सेल के लोगों ने बताया कि मंगलवार की रात 9.30 बजे मोबाइल की लोकेशन भगत चौराहे के आसपास थी। बुधवार को जिस कॉलोनी को उन्होंने बसाया था उसी के एक निर्माणाधीन मकान में उनका शव मिला। हालांकि घरवालों ने उस मकान के आसपास कई मकानों में मंगलवार को तलाश भी की थी।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
जिस मकान में सुशील का शव मिला है उसके सामने वाले मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज पुलिस खंगाल रही है। घरवालों के अनुसार भोर में कुछ लोग आते हुए दिख रहे हैं, लेकिन तस्वीर धुंधली है।
प्रशासन और मुख्यमंत्री से भी लगाई है गुहार
सुशील ने खत में प्रशासन और मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि सिंघड़िया के मारकंडेय शाही और अमर सिंह के खिलाफ कार्रवाई कर जमीन का कब्जा उनके पत्नी और बच्चों को दिलाए। ताकि वे जमीन को बेचकर कर्जा चुका पाएं। बचे हुए रुपयों से कोई भी दुकान आदि खोलकर जीविकोपार्जन कर सकें।
कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस कर रही पूछताछ
खत में जिस जमीन का जिक्र है उससे जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस अब उनपर भी नकेल कसेगी। जांच के बाद ही केस दर्ज होगा।
प्रथम दृष्टया जांच में मामला खुदकुशी का ही लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- प्रभात राय, सीओ कैंट
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